एक युवती ने अपने प्रेमी को बचाने के लिए रात में 3:05 बजे डायल 100 पर कॉल की। कॉल रिसीव भी हुई, लेकिन डायल 100 मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे हुआ मोहब्बत का दर्दनाक अंत, आप तस्वीरें देखकर हैरान रह जाएंगे।
मोहब्बत का दर्दनाक अंत, प्रेमिका को नहीं मिली पुलिस की मदद, बच सकती थी प्रेमी की जान
बताया गया कि सैंकी को मारने के लिए हत्यारोपियों ने उसे पकड़ लिया था। प्रेमिका अपने पिता और भाइयों के सामने गिड़गिड़ाने लगी कि शैंकी को मत मारो। लेकिन वह नहीं माने। परिजनों ने युवती को कमरे में बंद कर दिया। युवती ने रात 3:05 बजे प्रेमी को बचाने के लिए अपने मोबाइल से डायल 100 पर कॉल की। कॉल रिसीव भी हुई, लेकिन डायल 100 मौके पर नहीं पहुंची।
वहीं आरोपियों ने शैंकी की हत्या कर शव को कार समेत जलाया दिया। घटना के बाद युवती अपने परिजनों के साथ रहने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि वह शैंकी की विधवा बनकर उसकी मां की हमेशा सेवा करेगी।
डायल 100 रात में एक्टिव हो जाती तो शायद परिवार का इकलौता बेटा संजीव उर्फ शैंकी जिंदा होता। पल्लवपुरम में शैंकी को बचाने के लिए उसकी प्रेमिका ने प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुई। उसने पिता और भाइयों से कहा कि शैंकी से उसके पांच साल से संबंध हैं, उसको मत मारो। आप कहोगे तो हम दोनों कहीं दूर चले जाएंगे।
आपकी कोई बदनामी नहीं होगी। लेकिन युवती के पिता और दोनों भाई शैंकी को मारने पर अड़े थे। वह बार बार चिल्लाते थे कि पांच साल से शैंकी के कारण उनकी बदनामी हो रही है। आज हत्थे चढ़ा है, नहीं छोड़ेंगे। बेबस युवती ने मदद के लिए पुलिस को कॉल किया तो वहां से भी कोई मदद नहीं आई। अंततः युवती के परिजनों ने उसके सामने ही शैंकी की नृशंस हत्या कर दी।
परिजनों को युवती से मिलाया
एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि युवती पुलिस की हिरासत में है। उसको महिला थाने में रखा हुआ है। उससे पूछताछ हुई थी। एसपी देहात के मुताबिक युवती जिद पर अड़ी है कि वह शैंकी के घर पर रहेगी। उसके पिता और भाइयों ने शैंकी को मारा है, अब वो कतई अपने माता पिता के घर में नहीं रहेगी। शैंकी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके दो बहनें हैं, वह उसके परिवार की हालत जानती है। पुलिस ने युवती से पूछताछ की तो उसने हाथ जोड़कर कहा कि उसको शैंकी की मां के पास छोड़ दो। शैंकी के परिजनों को युवती से मिलाया गया, जिसमें युवती ने कहा कि उसके पिता और भाइयों ने मिलकर शैंकी की हत्या कर दी।