मेरठ से सटे मवाना में परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक ही परिवार की दो बच्चियों को सांप ने डस लिया। इससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में शवों को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जानकारी के अनुसार बीती रात आलमगीरपुर बढ़ला में अपने घर के कमरे में सो रहीं दो बच्चियों को बुधवार सुबह तीन बजे सांप ने डंस लिया। सर्पदंश से एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरी की भी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बता दें कि कल लंबे समय बाद मेरठ जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों को खोल दिया गया। दोनों बच्चियों को भी डेढ़ साल के बाद स्कूल जाना था, वे रात को सोते वक्त अपनी मां से कहकर सोईं थी कि मां कल सुबह स्कूल जाना है, बैग तैयार कर देना। दोनों बच्चियां लंबे समय बाद स्कूल में अपने दोस्तों से मिलने को बेताब थीं लेकिन सुबह होने से पहले ही सांप उनकी मौत बनकर बेड पर पहुंच गया। सांप के काटने से दोनों बच्चियों की मौत हो गई।
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रिहाना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गांव निवासी आरिफ पुत्र जिनू मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। बुधवार रात आरिफ की पत्नी रिहाना पुत्री इकरा (9), आलिया (8), अमान (5) और डेढ़ वर्षीय दाउद के साथ सो रही थी।
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आलिया का फाइल फोटो
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आरिफ अलग चारपाई पर सो रहा था। सुबह करीब तीन बजे एक जहरीले सांप ने बेड़ पर सो रही इकरा व आलिया को डस लिया। हाथ में दर्द होने पर इकरा जग गई। पिता आरिफ ने बताया कि दोनों बच्चियों के हाथ में सांप के डसने के निशान थे। उसने कमरे से सांप को जाते हुए भी देखा।
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मृतक बच्चियों के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। सांप के डसने से छोटी बेटी आलिया की मौके पर ही मौत हो गई और इकरा बेहोश होने लगी। हालत खराब होने पर परिजन इकरा को मवाना में एक वैद्य के पास ले गए। बाद में परिजन उसे नर्सिंग होम ले गए। जहां डॉक्टरों ने इकरा को मृत घोषित कर दिया। इकरा कक्षा चार और आलिया कक्षा दो की छात्रा थी।
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विलाप करती महिलाएं
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ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग
दोनों बच्चियों का जनाजा गांव की गलियों से निकला तो हर किसी की आंख नम थी। इस मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान सोनम चौधरी, जगदीश जाटव, ओमपाल सिंह, कर्नल सिंह, दर्शन प्रधान, योगेन्द्र सिंह आदि ने पीड़ित मजदूर के लिए शासन से मुआवजे की मांग की है। देरशाम मौके पर एसडीएम कमलेश गोयल पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि बच्चियों का पोस्टमार्टम कराया जाता तो परिवार को शासन से मुआवजा मिल जाता।