मेरठ में गुरुवार को दिल्ली रोड मोहकमपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में मेरठी ओलंपिक योद्धाओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले सभी खिलाड़ियों के परिजनों को सम्मान मिला तो खुशी से उनकी आंखें भर आईं। मुख्य अतिथि एडीजी राजीव सभरवाल व विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी ने खिलाड़ियों के पिता व दो प्रशिक्षकों को शॉल उढ़ाकर व प्रतीक चिह्न देकर उनका हौसला बढ़ाया।
क्रांतिधरा मेरठ के लिए गौरवशाली क्षण हैं, इस बार टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के 10 खिलाड़ियों में पांच मेरठ से हैं। जबकि एक खिलाड़ी टोक्यो पैरालंपिक में है। 23 जुलाई से ओलंपिक के आगाज के साथ मेरठवासियों की धड़कनें बढ़ने लगीं हैं।
2 of 6
ओलंपिक खिलाड़ी विवेक को सम्मानित करते एडीजी राजीव सभरवाल
- फोटो : Amar Ujala Meerut
इन पलों को ऐतिहासिक बनाने के लिए अमर उजाला ने 'विजय भव' के साथ शहरवासियों से खिलाड़ियों व उनके परिजनों के हौसला बढ़ाने की अपील की है। जिसकी शुरुआत गुरुवार से खिलाड़ियों के परिवार के लोगों के सम्मान के साथ हो गई है।
3 of 6
शूटर सौरभ चौधरी के परिजनों को सम्मानित करते एडीजी राजीव सभरवाल
- फोटो : Amar Ujala Meerut
सम्मान समारोह में शूटर सौरभ चौधरी के पिता जगमोहन सिंह, पैदल चाल खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी के पिता मदनपाल सिंह व कोच गौरव त्यागी, अन्नू रानी के पिता अमरपाल सिंह, पैरा तीरंदाज विवेक चिकारा के पिता देवेंद्र सिंह ने शिरकत की।
4 of 6
ओलंपिक खिलाड़ी विवेक को सम्मानित करते एडीजी राजीव सभरवाल
- फोटो : Amar Ujala Meerut
वंदना कटारिया के कोच रहे प्रदीप चिन्योटी को एडीजी राजीव सभरवाल व क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी ने सम्मानित किया। सभी खिलाड़ियों के पिता व कोच ने ओलंपिक तक पहुंचने के संघर्ष को बयां किया। उन्होंने बताया कि बिना संसाधनों के ओलंपिक का सपना साकार करने वाले खिलाड़ियों के परिजनों ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया।
5 of 6
वंदना कटारिया के कोच रहे प्रदीप चिन्योटी को सम्मानित करते एडीजी राजीव सभरवाल
- फोटो : Amar Ujala Meerut
परिजनों की उनकी तपस्या का फल मिला है : एडीजी
अमर उजाला कार्यालय पहुंचे एडीजी राजीव सभरवाल ने खिलाड़ियों के हौसला अफजाही और अमर उजाला के सम्मान कार्यक्रम की सराहना की। कहा कि विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता ओलंपिक है। साथ ही परिजनों को लेकर कहा कि मैं नमन करता हूं, आपकी तपस्या का फल आपको मिला है।