फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अमर उजाला हस्ताक्षर अभियान की तस्वीरें: शहरवासियों ने खिलाड़ियों में भरा जोश, टोक्यो में रचेंगे इतिहास, पढ़ें संघर्ष की कहानियां

Fri, 23 Jul 2021 01:52 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 23 Jul 2021 01:52 PM IST
विज्ञापन
Tokyo Olympic 2021: The people of Meerut city took part in the Amar Ujala signature campaign and read the stories of the struggle of Olympic players
मेरठ में अमर उजाला हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेते शहरवासी। - फोटो : amar ujala

जापान के टोक्यो में ओलंपिक खेलों का आगाज आज यानी शुक्रवार शाम से हो जाएगा। मेरठ के लिए गर्व की बात है कि यहां के छह खिलाड़ी खेलों में हिस्सा लेंगे। वहीं शहरवासियों को इनसे गोल्ड मेडल की बड़ी उम्मीद है। इसी के चलते अमर उजाला ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने की अपील की है।



अमर उजाला की ओर से आज शहर के चार मुख्य स्थानों कैलाश प्रकाश स्टेडियम, बेगमपुल, मेरठ कॉलेज के निकट चौधरी चरण सिंह पार्क, चौधरी चरण सिंह विवि गेट पर हस्ताक्षर बोर्ड लगाए गए हैं। शहरवासियों ने अभियान का हिस्सा बनकर मेरठी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। वहीं डॉक्टर राजकुमार सांगवान सहित ने भी शुभकामना संदेश लिखा।

लक्ष्य साधने पर ही रहता है ध्यान
सरूरपुर क्षेत्र के कलीना गांव निवासी पिता जगमोहन सिंह ने कहा कि सौरभ शांत रहकर अभ्यास करने वाला लड़का है। जो भी करता है शिद्दत से करता है, पढ़ाई भी शौक से की और अब शूटिंग भी शौक से करता है। लक्ष्य साधने के लिए कोई समझौता उसने नहीं किया। बड़ौत में वीर शाहमल एकेडमी में प्रतिदिन जाना, कभी आलस या छुट्टी नहीं की। 10 मीटर एयर पिस्टल में सौरभ ने अंतरराष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धाओं में 14 मैडल हासिल किए हैं। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर सौरभ ने यह मुकाम हासिल किया है। सौरभ के पिता के साथ ताऊ ओमपाल सिंह व बड़े भाई नितिन चौधरी मौजूद रहे।

Tokyo Olympic 2021: The people of Meerut city took part in the Amar Ujala signature campaign and read the stories of the struggle of Olympic players
मेरठ में हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेते लोग। - फोटो : amar ujala

बेटियों को बेटों से ऊपर समझो
20 किलोमीटर पैदलचाल में टोक्यो ओलंपिक खेलने जा रहीं माधवपुरम निवासी प्रियंका के पिता मदनपाल गोस्वामी ने कहा कि बेटियों को बेटों से ऊपर समझोगे तभी सफलता मिलेगी। बताया भाई के यहां बेटा हुआ तो सभी ने कहा आपके यहां भी बेटा हो जाता, लेकिन मैं और मेरी पत्नी अनिता ने प्रियंका को बेटों से भी ऊपर माना। आज उसने वो कर दिया जो बेटे भी नहीं कर पाते। ये बताते हुए मदनपाल गोस्वामी भावुक हो गए। पटियाला में रहते हुए आर्थिक समस्या के चलते एक समय का खाना गुरुद्वारे में खाया, लेकिन अपने खेल से कभी समझौता नहीं किया। 

Tokyo Olympic 2021: The people of Meerut city took part in the Amar Ujala signature campaign and read the stories of the struggle of Olympic players
मेरठ में अमर उजाला हस्ताक्षर अभियान - फोटो : amar ujala

गुरुकुल प्रभात आश्रम से मिला सहयोग
सरधना के बहादरपुर गांव निवासी भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी के पिता अमरपाल सिंह ने बताया गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी से उन्हें बहुत सहयोग मिला। अन्नू के घुटने में दिक्कत आई तो कोच ने खेलने को मना कर दिया। लेकिन स्वामी विवेकानन्द सरस्वती ने अन्नू का मार्गदर्शन किया तो फिर से खेलों में आई। स्वामी जी ने आर्थिक स्थिति को देखते हुए अन्नू का खेल प्रभावित न हो गाय भी दान की। जो आज भी घर पर बंधी है। बताया मैं अन्नू के खेल से खुश नहीं था, लेकिन उसकी मेहनत ने मुझे भी बदल दिया। उनके साथ आए अन्नू के दादा विक्रम सिंह ने कहा 15-16 किलोमीटर दूर खेलने आती थी। अन्नू ने बहुत परिश्रम किया। भाला नहीं था तो बांस से अभ्यास किया। उन्होंने अन्नू सहित सभी खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक जीतने की शुभकामना दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Tokyo Olympic 2021: The people of Meerut city took part in the Amar Ujala signature campaign and read the stories of the struggle of Olympic players
मेरठ। - फोटो : amar ujala

एक्सीडेंट में पैर गंवाया पर हौसला नहीं
पैरा तीरंदाज विवेक चिकारा का 2017 में एक्सीडेंट हो गया, जिसमें एक पैर गंवाना पड़ा। उनके पिता देवेंद्र सिंह ने बताया एक साल तक घर में गमगीन माहौल रहा। गुरुकुल प्रभात आश्रम पहुंचा तो कोच सत्यदेव प्रसाद ने प्रतिभा को पहचाना और तीरंदाज बनाया। खेलों में जाने के लिए नौकरी कुर्बान कर दी। आज टोक्यो पैरालंपिक में जगह बनाई है। कहा उसके संघर्ष की बात करता हूं तो आंखें भर आती हैं। उनके साथ चाचा प्रमोद सिंह मौजूद रहे।

विज्ञापन
Tokyo Olympic 2021: The people of Meerut city took part in the Amar Ujala signature campaign and read the stories of the struggle of Olympic players
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी पर हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेते शहरवासी। - फोटो : amar ujala

प्रियंका जैसी लगनशील लड़की नहीं देखी
कोच गौरव त्यागी ने कहा 2010-11 में अभ्यास के दौरान उन्होंने प्रियंका की लगन देखी। दौड़ते समय अगर ध्यान इधर-उधर हो गया तो उसने अभ्यास नहीं छोड़ा। प्रियंका को जिम्नास्टिक से वो एथलेटिक में लेकर आए। जबकि उसकी क्षमता को देखते हुए 10 किलोमीटर दौड़ से 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा में मौका दिया। जिसको प्रियंका ने साबित कर मेरठ का नाम रोशन किया। परिवार ने मुजफ्फरनगर के गांव का घेर बेचकर उसके सपनों को साकार किया। बच्चों को ओलंपिक पोडियम पर देखूंगा तो लगेगा मैं ही वहां खड़ा हूं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed