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लोटस टेंपल की तर्ज पर तैयार हुआ रैपिड रेल का डिजाइन, तस्वीरें देखकर हो जाएगा दिल खुश

Sat, 26 Sep 2020 03:17 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 26 Sep 2020 03:17 PM IST
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The design of the rapid rail is built on the Lotus Temple and see photos
रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के वास्तविक लुक का अनावरण शुक्रवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने किया। रैपिड रेल को लोटस टेंपल की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। रैपिड रेल को मेक इन इंडिया नीति के अंतर्गत गुजरात स्थित बॉम्बार्डियर के सांवली प्लांट में तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। 

The design of the rapid rail is built on the Lotus Temple and see photos
रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला

आधुनिक प्रणाली वाली यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार से दौड़ेगी। स्टेनलेस स्टील से बनी ये एयरोडायनामिक ट्रेनें हल्के होने के साथ-साथ पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। प्रत्येक कोच में प्रवेश और निकास के लिए ‘प्लग-इन’ प्रकार के छह (दोनों तरफ तीन-तीन) स्वचालित दरवाजे होंगे, जबकि बिजनेस क्लास कोच में ऐसे चार (दोनों तरफ दो-दो) दरवाजे होंगे। बिजनेस क्लास कोच के अंदर फूड डिस्पेंडिंग मशीन भी लगी होगी। 

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रैपिड रेल के अंदर का डिजाइन - फोटो : अमर उजाला

ये हैं प्रमुख विशेषताएं
रैपिड ट्रेन में 232 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। खड़े यात्रियों के लिए अधिक जगह, सामान रखने का रैक, मोबाइल / लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट, बैठे यात्रियों के पैर रखने की लिए पर्याप्त जगह (लेगरूम) और वाईफाई की सुविधा होगी। दिव्यांगजनों के पास व्हीलचेयर के लिए जगह, इनोवेटिव ट्रेन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (टीसीएमएस) तकनीक, ट्रेन में पुश बटन भी होगा जो जरूरत होने पर दरवाजों को खोलने का काम आएगा। सिर्फ वही दरवाजें खुलेंगे जहां किसी को चढ़ना हो या उतरना हो। मार्च 2023 में रैपिड ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई के बीच दौड़ने लगेगी। हर ट्रेन में छह कोच होंगे।

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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला

लोटस टेंपल ऊर्जा कुशल इमारत का प्रतीक
दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया कि लोटस टेंपल एक ऊर्जा कुशल इमारत का प्रतीक है। क्योंकि इसका डिजाइन प्रकाश और वायु के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखता है। इसी तरह, आरआरटीएस ट्रेन में भी ऐसी प्रकाश और तापमान नियंत्रण प्रणाली होगी जो ऊर्जा के कम खपत के बावजूद यात्रियों को आरामदायक अनुभव देगी। 

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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के लिए 10 ट्रेन सेट
आरआरटीएस ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप 2022 तक निर्मित हो जाएगा। एनसीआरटीसी रीजनल रेल सेवाओं के संचालन के लिए छह कोच के 30 ट्रेन सेट और मेरठ में स्थानीय परिवहन के लिए तीन कोच के 10 ट्रेन सेट खरीदेगा।

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