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यूपी: हस्तिनापुर के प्राचीन पांडव टीले पर उत्खनन में तीसरे दिन मिले टेराकोटा के नक्काशीदार बर्तन, अब तक मिलीं ये चीजें
Thu, 24 Feb 2022 11:10 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:10 AM IST
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हस्तिनापुर में चल रहा उत्खनन कार्य
- फोटो : अमर उजाला
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हस्तिनापुर के प्राचीन पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग की ओर से कराए जा रहे उत्खनन में बुधवार को गुप्त काल से जुड़े कई अवशेष प्राप्त हुए। इनमें चित्रित पॉटरी, मटके के नक्काशीदार ढक्कन, घूसर मृदभांड, टेराकोटा मग, टेराकोटा बीड, मनका, जानवर की हड्डी के अवशेष, चौड़ी ईटों की पक्की दीवार, प्राचीन पत्थर आदि हैं। वहीं मंगलवार को मिले टेराकोटा रिंगवेल को भी पुरातत्व विभाग की टीम ने बाहर निकाला।
हस्तिनापुर में उत्खनन।
- फोटो : amar ujala
मेरठ संग्रहालय के अध्यक्ष पहुंचे
मेरठ स्थित संग्रहालय के अध्यक्ष पीके मौर्या ने बुधवार को पांडव टीले पर पहुंचकर उत्खनन में मिलने वाले प्राचीन अवशेषों को देखा। उसके बाद पुरातत्व विभाग मेरठ सर्किल के अधिकारियों से कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राचीन अवशेषों की जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
मेरठ स्थित संग्रहालय के अध्यक्ष पीके मौर्या ने बुधवार को पांडव टीले पर पहुंचकर उत्खनन में मिलने वाले प्राचीन अवशेषों को देखा। उसके बाद पुरातत्व विभाग मेरठ सर्किल के अधिकारियों से कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राचीन अवशेषों की जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
उत्खनन देखते लोग।
- फोटो : amar ujala
उत्खनन के लिए कमिश्नर को दी बधाई
नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रियंक भारती बुधवार को उत्खनन के संबंध में मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह से मिले। उन्हें उत्खनन कार्य के लिए बधाई दी और प्राप्त वस्तुओं के बारे में जानकारी दी। मंडलायुक्त ने जल्द हस्तिनापुर आने का आश्वासन दिया। प्रियंक ने बताया कि जैसे-जैसे खोदाई नीचे की ओर बढ़ेगी, रोचक तथ्य सामने आएंगे। उत्खनन कार्य हस्तिनापुर के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी।
नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रियंक भारती बुधवार को उत्खनन के संबंध में मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह से मिले। उन्हें उत्खनन कार्य के लिए बधाई दी और प्राप्त वस्तुओं के बारे में जानकारी दी। मंडलायुक्त ने जल्द हस्तिनापुर आने का आश्वासन दिया। प्रियंक ने बताया कि जैसे-जैसे खोदाई नीचे की ओर बढ़ेगी, रोचक तथ्य सामने आएंगे। उत्खनन कार्य हस्तिनापुर के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी।
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हस्तिनापुर में उत्खनन।
- फोटो : amar ujala
उत्खनन कार्य में मंगलवार को टेराकोटा रिंगवेल, पक्की ईट, शंख की बनीं चूड़ियां समेत कई अवशेष मिले। यह अवशेष गुप्तकाल के बताए जा रहे हैं। हालांकि इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये अवशेष किस काल हैं।
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उत्खनन के दौरान मिले अवशेष
- फोटो : amar ujala
टीले की ऊपरी सतह से करीब चार मीटर नीचे खोदाई में गुप्तकाल का टेराकोटा रिंगवेल (अनाज भरने का बड़ा गोल पात्र) प्राप्त हुआ है। इसी कालखंड की एक प्राचीन दीवार, शंख की चूड़ियां, चित्रित मृदभांड, प्राचीन मिट्टी के बर्तन, जानवरों की हड्डी और दांत आदि प्राप्त हुए हैं। रिंग वेल और दीवारों को निखारने का काम विशेषज्ञों की टीम कर रही है। इनकी लंबाई चौड़ाई के बाद में अभी पता नहीं लगा है। सभी अवशेषों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।