यूपी के सहारनपुर के गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर कुंडाबसी गांव में स्थित पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार की शाम हुए भीषण विस्फोट में ठेकेदार दीपराज (23) और संदीप (25) की मौत हो गई। फैक्टरी में काम कर रहे दो मजदूर लापता हैं। धमाके की आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी का मलबा और शवों के अवशेष लगभग 600 मीटर दूर तक बिखरे मिले। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, फैक्टरी के एक हिस्से में विस्फोट शाम करीब 4:30 बजे हुआ। उस समय आतिशबाजी के लिए बारूद का मिश्रण बनाया जा रहा था। दूसरी तरफ करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट होते ही मजदूरों में भगदड़ मच गई। बारूद का मिश्रण बना रहे ठेकेदार दीपराज व संदीप निवासी गांव बांझड थाना ढोढवा जिला खरगोन एमपी के चीथड़े उड़ गए। हाथ, पैर और सिर तक अलग हो गए। कुछ अंग आसपास के पेड़ों पर लटके मिले। पुलिस टीम ने अंगों को इकट्ठा कराया।
2 of 12
सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खरगोन के अकाश और खंडवा के राहुल लापता बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि हादसे के समय आकाश और राहुल भी मौजूद थे लेकिन उनका पता नहीं चल रहा है। मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विस्फोट की वजहों की जानकारी ली।
3 of 12
सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद के हसन पांच साल से इस जगह पर फैक्टरी चला रहे हैं। उनके पास साल 2028 तक का पटाखे बनाने का लाइसेंस है। फैक्टरी आबादी से करीब 300 मीटर दूर है। देर रात तक फैक्टरी मालिक मौके पर नहीं पहुंचे थे।
4 of 12
सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटाखा फैक्टरी में मुनाफे की दौड़ में दांव पर जिंदगियां
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से मौत के बाद फिर से मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुनाफे की दौड़ में जिंदगियों को दांव पर लगाया जा रहा है। फैक्टरियों को लाइसेंस देते समय मानकों का पालन नहीं करने और बाद में भी जांच में बरती जाने वाली लापरवाही ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदार है।
5 of 12
सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोह के कुंडाबसी गांव में हुआ हादसा पहला नहीं है। इसी तरह जिले में पहले भी कई बार पटाखा फैक्टरियों में हादसे हो चुके हैं, जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है। गंगोह, सरसावा, देवबंद, बिहारीगढ़ और महानगर में चिलकाना रोड, बेहट रोड, मोहल्ला आतिशबाजान में कई बार अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्टरी पकड़ी जा चुकी हैं।