हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर मंगलवार सुबह हुए नाव हादसे में मंगलवार देर शाम तक गंगा में डूबे व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला था। बुधवार सुबह 7:30 बजे सर्च अभियान की शुरुआत की गई। 12 बजे तक सर्च अभियान में पीएससी की फ्लड कंपनी और एसडीआरएफ की टीम को गंगा में डूबे व्यक्ति तलाश में जुटी रही। तकरीबन पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम शव को गंगा से ढूंढ पाई।
Hastinapur: नाव हादसे के दूसरे दिन भी चला सर्च अभियान, डूबे व्यक्ति का शव पांच घंटे बाद गंगा से बरामद
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बताया गया कि मंगलवार को सुबह के समय करीब दो दर्जन लोग नाव से गंगा पार कर रहे थे, इसी दौरान नाव गंगा में डूब गई। नाव के गंगा में डूबते ही हाहाकार मच गया। वहीं आनन-फानन अधिकतर लोगों को बचा लिया गया, लेकिन एक की मौत हो गई तो एक शिक्षक अभी तक लापता चल रहे थे। वहीं गंगा में हुए हादसे की खबर से शासन-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ नाव हादसे का तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम को मौके पर जाकर राहत कार्य को युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारी राहत-बचाव कार्य शुरू कराने में जुटे रहे। उधर, राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं पूर्व विधायक योगेश वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित लोगों से पूछताछ भी की।
हस्तिनापुर क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर पुल की एप्रोच रोड टूटने से गंगा में अवैध नाव संचालन किया जा रहा था। मंगलवार सुबह करीब दो दर्जन लोगों और एक दर्जन मोटरसाइकिल से भरी नाव बीच गंगा की धारा में पहुंची तो नाव का बैलेंस बिगड़ गया। इस दौरान नाव गंगा की धारा में समा गई। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन एक की मौत हो गई जबकि एक लापता हो गया था।