सावन के पहले सोमवार को शहर भर के सभी शिवालयों में लगभग एक लाख भक्तों ने जलाभिषेक किया। मेरठ में बाबा औघड़नाथ मंदिर समेत शहर के सभी शिवालयों को रंगीन रोशनी से सजाया गया है। महिलाएं और पुरुषों ने व्रत रखकर आज भगवान शिव को प्रसन्न किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने से भक्तों को भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
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सावन सोमवार पूजा विधि
- फोटो : sawan 2019
शहर में लगभग 150 शिव मंदिर हैं। जिसमें 35 मंदिर 70 से 80 के दशक में बनाए गए थे। क्षेत्र में रामायण कालीन सदर स्थित महा विल्वेश्वरनाथ मंदिर और पिल्लोखड़ी रोड स्थित श्याम नगर शिव मंदिर हैं। श्रावण के सोमवार को शहर के ज्यादातर लोग भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। कुछ लोग शिवलिंग पर दूध, बेल पत्र, पुष्प, घी, भांग, धतूरा आदि चढ़ाकर अपनी मनोकामना पूर्ति की इच्छा करते हैं।
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शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में श्रावण के प्रथम सोमवार को गढ़ रोड स्थित राजराजेश्वरी शिव मंदिर, शिव मंदिर साकेत, जीआईसी स्थित शिव मंदिर, शिव मंदिर बुढ़ाना गेट, ठठेवाड़ा स्थित शिव मंदिर, महादेव मंदिर शारदा रोड, दयालेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, महा विल्वेश्वर नाथ मंदिर, शिव मंदिर कंकरखेड़ा, मोदीपुरम आदि मंदिरों में महाआरती के बाद विशेष पूजा की गई।
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भगवान शिव की पूजा करतीं महिला श्रद्धालु
सावन सोमवार में बन रहा त्रियोग का संयोग
श्रावण मास इस बार नौ सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है। इन सिद्ध योग की शुरुआत 22 जुलाई को प्रथम सोमवार से हो रही है। इस दिन को मरुस्थली नागपंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की भी पूजा अर्चना की गई।
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शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
द्वितीय सोमवार को सोम प्रदोष के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। नागपंचमी तीसरे सोमवार 5 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार के साथ चंद्र प्रधान हस्त नक्षत्र के साथ त्रियोग का संयोग बना रहा है। ऐसे में सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग और सिद्ध योग बन रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रालॉजिकल साइंस के महामंत्री आचार्य कौशल वत्स ने बताया सावन के चारों सोमवार विशेष संयोग के साथ आ रहे हैं।