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जकार्ता में आरवीसी सेंटर मेरठ के जांबाजों का कमाल, 36 साल बाद रचा इतिहास

Mon, 27 Aug 2018 09:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 27 Aug 2018 09:55 AM IST
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RVC Center Meerut's horse riders rocks in Jakarta, created history after 36 years
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

क्रांतिधरा मेरठ की सरजमीं पर 239 साल पहले स्थापित किए गए रिमाउंट वेटनरी कोर (आरवीसी) सेंटर एंड कॉलेज के जांबाज घुड़सवारों ने 36 साल बाद एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल दिलाकर नाम रोशन कर दिया है। इवेंटिंग में आरवीसी सेंटर के जितेंद्र सिंह, राकेश कुमार और एएससी के मेजर आशीष मलिक की बदौलत ये सफलता प्राप्त हुई है। सिल्वर मेडल मिलने से आरवीसी में खुशी का माहौल है।


जानें कैसे आरवीसी ने जर्काता में रचा इतिहास : -

घुड़सवारी का मक्का मदीना आरवीसी

RVC Center Meerut's horse riders rocks in Jakarta, created history after 36 years
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी संघ (ईएफईआई) के अध्यक्ष और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के सदस्य इंगमार डे वॉश अप्रैल में मेरठ आए थे। आरवीसी सेंटर के घुड़सवारों की काबलियत देखकर उन्होंने कहा था कि आरवीसी को घुड़सवारी का मक्का मदीना कहा जाने लगा है। यहां के घुड़सवार एशियन गेम्स और ओलंपिक में अपना जलवा दिखाएंगे। जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में यहां के घुड़सवारों ने अपनी इसी ताकत को साबित करके दिखा दिया। मुकाबलों में भारतीय टीम ने अंतिम दिन पूरी ताकत दिखाते हुए दूसरा नंबर हासिल कर दो सिल्वर जीत लिए। पहले दिन भारतीय टीम दूसरे नंबर पर रही, लेकिन दूसरे दिन क्रॉस कंट्री में भारतीय टीम तीसरे नंबर पर खिसक गई। 

फ्रांस में ले रहे थे स्पेशल ट्रेनिंग

RVC Center Meerut's horse riders rocks in Jakarta, created history after 36 years
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

अंतिम दिन शो जंपिंग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और घुड़सवारी चैंपियनशिप में सिल्वर पदक हासिल कर लिया। व्यक्तिगत घुड़सवारी प्रतियोगिता में भारत के सिविलियन घुड़सवार फहाद मिर्जा ने भी सिल्वर लिया। भारतीय टीम की इस जीत में अहम भूमिका निभाने वाले जितेंद्र सिंह, राकेश कुमार और एएससी के मेजर आशीष मलिक इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। आरवीसी में भी इसको लेकर फरवरी में प्रतियोगिता का आयोजन कराया था। जितेंद्र सिंह और राकेश कुमार और आशीष मलिक कई महीने से फ्रांस में स्पेशल ट्रेनिंग ले रहे थे।

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सन् 1882 में जीते थे पांच मेडल

RVC Center Meerut's horse riders rocks in Jakarta, created history after 36 years
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

36 साल बाद ये मौका आया है जब घुड़सवारी की टीम ने दो सिल्वर मेडल जीते हैं। इससे पहले भारतीय टीम ने सन 1982 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच मेडल जीते थे। अपने साइलेंट वारियर्स और खास अश्वों को लेकर दुनियाभर में पहचान रखने वाले आरवीसी सेंटर को सेना को सशक्त करने की दिशा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने पर 21 दिसंबर 1989 को तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने प्रजेंटेशन ऑफ द कलर से सम्मानित किया था। 239 साल का गौरवशाली अतीत समेटे मेरठ कैंट स्थित आरवीसी सेंटर एंड स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रशिक्षित श्वान और अश्व सीमाओं पर दुर्गम स्थानों पर सेना के साथ अहम भूमिका निभाते हैं।

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आरवीसी में खुशी का माहौल 

RVC Center Meerut's horse riders rocks in Jakarta, created history after 36 years
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

सवार राकेश कुमार और सवार जितेंद्र सिंह आरवीसी मेरठ ब्वॉयज स्पोर्ट्स कंपनी आरवीसी सेंटर मेरठ के छात्र रहे हैं। इन दोनों ने कम उम्र से ही घुड़सवारी शुरू कर दी थी। दोनों की सफलता पर आवीसी में खुशी का माहौल है। आरवीसी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल अनिल कुमार सेना मेडल का कहना है कि तीनों की कामयाबी पर हम उनका अभिनंदन करते हैं। इस मेडल से ओलंपिक जाने का रास्ता भी खुल गया है। उन्हें उम्मीद है कि ओलंपिक के लिए टीम पूरी तैयारी करेगी। डिप्टी कमांडेंट ब्रिगेडियर बाबू पर्सनली और कर्नल मंगल सिंह ने घुड़सवारों को बधाई दी है। भारतीय घुड़सवारी संघ (ईएसआई) के रीजनल मेंबर सेंट्रल डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि ये मेरठ के लिए गर्व की बात है कि आरवीसी सेंटर के घुड़सवारों की बदौलत 36 साल बाद इतनी बड़ी सफलता मिली है। 

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