जवान बेटे की मौत हुई तो मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जीने की आस भी धीरे-धीरे छूटने लगी। ऐसे में पक्षी प्रेम ने दोबारा से जीने की राह दिखाई। आज इस मां का जीवन इन पक्षियों के इर्द-गिर्द घूमता है। यह अनोखा प्यार मेरठ के पल्लवपुरम फेज-1 में देखने को मिला है।
पल्लवपुरम फेज-1 की रहने वाली सर्वेश पुंडीर के जीवन में सब कुछ अच्छा चल रहा था। परंतु, एक दिन उन्हें सूचना मिली कि उनके जवान बेटे इंजीनियर नितेश पुंडीर की नोएडा में सड़क हादसे में मौत हो गई। यह सुनते ही सर्वेश पुंडीर पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा।
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सर्वेश पुंडीर
- फोटो : amar ujala
बेटे की मौत का गम उनकी जिंदगी पर इस कदर हावी हुआ कि उन्होंने जीने की आस ही छोड़ दी। ऐसे में एक दिन बाजार में जाने के दौरान उन्हें एक मैना दिखाई दी। वह, मैना को खरीदकर घर ले आई और बेटे नितीश की तरह उसे प्यार करने लगी।
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फाइल फोटो।
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उन्होंने उसका नाम लैला रखा। उसके साथ वह सारे दिन बच्चों की तरह बात करती थी। लैला का प्यार इस कदर उन पर हावी होने लगा कि धीरे-धीरे उनमें फिर से जीने की आस बढ़ने लगी।
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फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
सर्वेश पुंडीर बताती हैं कि लैला कई आवाज में बात करती है, लैला पुंडीर को मां आ जाओ कह कर बुलाती है, परिवार और घर में काम करने वालों को भी आवाज देकर बुलाती है, नाश्ता मांगती है, आई लव यू कहती है, सीटी बजाती है, यहीं नहीं अगर बात का जवाब न दे तो डांटती है।
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फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
बताया कि इसके बाद वह एक जोड़ा तोते का लाई, उनका नाम प्रिंस और प्रिंसिस रखा। तभी एक पड़ोसी ने उन्हें अपना तोता दे दिया। जिसका, नाम उन्होंने शहजादे रखा। दोनों तोते गर्मी में ठंडा और सर्दी में चाय मांगते हैं।