मेरठ में जानी क्षेत्र के बसा-बसी टीकरी समेत आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक हैं। यहां का हर युवा सेना में जाकर देश सेवा का सपना देखता है। कई युवा अपने इस सपने को पूरा भी कर चुके हैं। वो सरहद पर जी जान से डटे हुए हैं। और दर्जनों इस इंतजार में हैं कि कब उन्हें बुलावा आएगा और वो अपनी जिंदगी को देश के नाम लिख देंगे।
पतला गांव स्थित आईटीआई मैदान में सुबह-शाम कई युवा सेना में जाने की तैयारी करते दिखाई देते हैं। शहीद अजय कुमार के घर पहुंचे युवाओं की फौज में भी पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा था। अजय की शहादत पर उन्होंने भी सेना में जाकर दुश्मन को करारा जवाब देने का संकल्प लिया। सरकार से भी इस मामले में सख्त फैसले लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हम देश सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं। दिन-रात मेहनत करते हैं। एक बार हमें सेना से बुलावा आ जाए, हम भी अपने भाइयों के साथ आतंकवादियों को करारा जवाब देंगे।
720 आबादी का गांव है बसा टीकरी
शहीद अजय कुमार के गांव की आबादी 720 है। प्रधान भूपचंद ने बताया कि जाट और जाटव जाति बाहुल्य इस गांव में हर कोई सेना में जाने के लिए तैयार रहता है। इस गांव के एक दर्जन से ज्यादा युवा सीमा की चौकसी कर रहे हैं। यहां के खून में देश सेवा का जज्बा है। जवान होते ही यहां का युवा फौज में जाने का सपना संजोने लगता है। वह भी सीमा पर जाकर दुश्मन को करारा जवाब देना चाहता है।
आईटीआई मैदान में बहाते हैं पसीना
सेना में जाने के लिए सुबह और शाम आसपास के कई गांवों के युवा पतला स्थित आईटीआई मैदान में पसीना बहाते हैं। ग्रुप बनाकर कई किलोमीटर की दौड़ लगाते हैं। इसके अलावा देश पर हो रहे हमलों के बारे में भी आपस में वार्तालाप करते हैं।