नेत्रदान, देहदान करने के बारे में आपने जरूर सुना होगा लेकिन यूपी के मेरठ में रहने वाली पूनम त्यागी ने कैंसर से पीड़ितों के लिए अपने शरीर की एक ऐसी चीज दान की है जिससे महिलाओं को बहुत ही ज्यादा प्यार होता है। जी हां अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर उन्होंने ऐसी क्या चीज दान की है तो हम आपको बता दें कि पूनम ने अपने जमीन से छूते बालों का दूसरों की मदद करने के लिए त्याग कर दिया। आगे स्लाइड्स में देखें आखिर कैसे उन्हें इसके लिए प्रेरणा मिली और कैसे आज खुद वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं: -
प्रेरणादायक संकल्प: मेरठ की पूनम ने दान की शरीर की ऐसी चीज जिससे महिलाओं को होता है बेइंतहा प्यार
किसी भी महिला को अपने लंबे बालों से बेहद प्यार होता है ऐसा ही पूनम को भी था। मेरठ सुपरटेक पामग्रीन निवासी पूनम त्यागी ने जिंदगी में पहली बार किसी हेयर ड्रेसर से बाल कटवाए थे। जिस वक्त उनके बाल काटे जा रहे थे उस वक्त उनके दिलो दिमाग में हर वो याद ताजा हो गई थी जब उनके दोस्त, उनसे मिलने वाला हर शख्स उनके बालों की लंबाई और खूबसूरती देखकर तारीफ किए बिना नहीं रह पाता था। उन्हें बालों की लंबाई कम होने का थोड़ा दुख जरूर था लेकिन इस बात की ज्यादा खुशी थी कि उनके बाल किसी दूसरे के काम आएंगे। क्योंकि वे कैंसर पीड़िताओं के लिए अपने बाल कटवा रही थीं।
पिछले 60 सालों से पूनम ने जिन बालों को सहेजा, पाला उन्हें कीमोथेरेपी के कारण बाल खो चुकी महिलाओं के लिए दान कर दिया। पूनम के इन बालों से विग बनाई जाएगी जिसे कैंसर पीड़िताएं पहनेंगी। पूनम कहती है एक साल से बाल कटवाने की योजना बना रही थी लेकिन दुख होता था कि इतने लंबे बाल कचरे में बेकार हो जाएंगे। सोचती थी कि इन बालों का कोई सदुपयोग हो जाए। लेकिन कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। कुछ लोगों ने कहा कि मंदिर में दान कर दो, जब पता किया तो देखा वहां हज़ारों लोग केश दान करते हैं। उस भीड़ में मेरे बालों का सही प्रयोग नही हो सकेगा, इसलिए वह विचार भी त्याग दिया।
कुछ समय बाद मेरी बेटियों पल्लवी व शैलवी ने नेट पर यह सेंटर (सब माल नोएडा के मार्चेर्स हेयर सेंटर) खोजकर मुझे बताया। यहां कटे बालों से कैंसर पीड़िताओं के लिए विग बनता है। मुझे ये विचार पसन्द आया। तब मुझे लगा कि मेरे बाल कटाने का इससे अच्छा तरीका दूसरा नहीं हो सकता। कि मेरे बाल उन महिलाओं के काम आ जाएं जो वाकई बालों की हकदार हैं। जो बाल न होने की अपनी कमी के कारण पहचान छुपाती हैं। बस तभी मैंने तय कर लिया कि यहीं पर बाल दान करूंगी। बेटियों ने मुझे फ़ोन नंबर दिया, मैने इन लोगों से बात कर ली और वो लोग राजी हो गए। नोएडा न जाना पड़े इसलिए मैंने कहा कि मैं अपनी चोटी काटकर पैक करके करियर से भेज देती हूं आप प्रयोग कर लें, लेकिन उन्होंने कहा कि हमे चोटी नहीं चाहिए। आप यहां आए यहीं आपके बाल काटने होंगे। मैं वहां गई उन्होंने मेरे कंधे तक बाल काटे।
पति ने बाल कटाने से किया मना
पूनम ने जब पति कर्नल सतीश त्यागी को बाल कटाने की बात बताई तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया कुछ भी हो जाये बाल नहीं कटाने, जब अपने बालों से कैंसर पीड़िताओं के लिए विग बन जायेगा यह बात बताई तो उन्होंने खुश होकर बाल कटवाने की इजाजत दे दी। खुद लेकर सेंटर पर गए और केश दान कराया। पूनम कहती हैं परिवार में मम्मी के बाल अच्छे थे, मेरी बहन प्रतिमा के बाल भी लम्बे थे लेकिन उसने एक बार बालों को किसी पार्लर पर कटवाया उसके बाद उसके बाल नहीं बड़े। दो बेटियां पल्लवी और शैलवी हैं दोनों जॉब में बाहर हैं इसलिये बाल नही बढ़ाती। आजकल लड़कियां वैसे भी छोटे बाल रखना पसंद करती हैं।