स्मॉग में घर के बाहर ही नहीं अंदर की हवा भी खराब हो चुकी है। बाहरी वातावरण में हानिकारक पार्टिकुलैट मैटर हैं, लेकिन आपके कमरे की हवा एकदम साफ है यह सोच गलत है।
इनडोर एयर क्वालिटी के बिगड़ते हालातों पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। वहीं मेरठ के रहने वाले अशोक गोयल अपनी ग्रीन कार से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में लगे हैं। आगे देखें आखिर कैसे वह लोगों को दे रहे हैं हरियाली का संदेश -
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ग्रीन कार
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को इंडियन सोसायटी ऑफ हीटिंग रेफ्रिजरेटिंग एयर कंडीशनिंग (इशरे) द्वारा ऊर्जावरण आयोजन इनडोर एयर क्वालिटी चैलेंज विषय पर हुआ। क्रिस्टल पैलेस में हुए आयोजन में उद्यमियों को इनडोर एयर पॉल्यूशन की जानकारी दी गई। शुभारंभ मुख्य अतिथि इशरे दिल्ली चैप्टर से आए प्रदीप कुमार दुआ व केके मित्रा ने किया।
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ग्रीन कार
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संवाद में मुख्य वक्ता सोसाइटी फॉर इनडोर एनवायरमेंट की डॉ. प्रियंका कुलश्रेष्ठ, दिल्ली विवि से प्रतिमा सिंह, समीर श्रीवास्तव, समता बजाज, आनंद किशोर गुहा रहे। संचालन करते हुए अध्यक्ष अमित कौशिक ने कहा कि आज से दस साल पहले इशरे मेरठ चैप्टर की शुरूआत हुई थी। पास्ट प्रेसीडेंट अमित कौशिक, अध्यक्ष आशीष गोयल, गौरव रस्तोगी, संजय कुमार जैन, सचिव सतीश कुमार व कोषाध्यक्ष मधुर गुप्ता ने सहयोग दिया।
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सेमिनार में बोलते गौरव रस्तोगी
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मानकों में शामिल हो इनडोर क्वालिटी इंडेक्स
दिल्ली विवि से आई डॉ. प्रियंका कुलश्रेष्ठ ने कहा लोग अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं लेकिन अस्पताल से नए बीमारियां लेकर आते हैं। अस्पतालों के लिए इनडोर क्वालिटी इंडेक्स का मानक भी तय होना चाहिए। जो अस्पताल इनडोर एयर क्वालिटी इंडेक्स को पूरा करें उन्हें ही मान्यता मिलनी चाहिए।
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ग्रीन कार
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ग्रीन कार से दे रहे हरियाली का संदेश
इशरे मेरठ के संस्थापक अशोक गोयल लोगों को हरियाली का महत्व कार से समझा रहे हैं। जनता को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अशोक गोयल ने अपनी कार को हरी घास के कारपेट से सजा लिया है। अशोक गोयल इसी कार के साथ शुक्रवार को आयोजन में पहुंचे।