मेरठ के कमलानगर में बिल्डर के घर 80 लाख की लूट को अंजाम देने वाला नेपाली नौकर वीरू बड़ा शातिर है। उसका संगठित गिरोह है। यह यूपी के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक फैला है। पांच राज्यों तक नेटवर्क मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन और तेज कर दी है। इस गिरोह से जुड़े नौकर पहले कारोबारियों का भरोसा जीतते हैं, फिर मौका पाते ही लाखों की लूट या चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। प्रदीप गुप्ता की कोठी में वारदात के लिए वीरू ने पहले परिवार का भरोसा जीता और फिर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। वारदात में उसके साथी कौन थे, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है। चार साल में उसने करीब दर्जन से ज्यादा सिम इस्तेमाल किए हैं।
Meerut News: भरोसा जीत लाखों की चपत लगाता है 'वीरू', दिल्ली के बिल्डर को भी बना चुका है शिकार
एक ही तरीके से वारदातों को देता है अंजाम
पुलिस के मुताबिक शहर के नामचीन कारोबारियों की लिस्ट लेकर वीरू वारदात के लिए घूमता रहता है। अधिकतर वारदात नशीली गोलियां खिलाकर की गई हैं। वारदात के दौरान जब तक मकान मालिक को होश होता है, तब तक वह काफी दूर निकल जाते हैं। घटना के बाद नेपाल फरार होते हैं और तीन माह में वापसी कर लेते हैं।
कई लूट को दिया अंजाम
रेलवे रोड स्थित न्यू प्रेमपुरी में डॉक्टर अभिताभ गौतम के यहां पर चोरी का मामला हो या भल्ला स्पोर्ट्स वालों के यहां की वारदात और अब बिल्डर के यहां लूट की घटना। इन सभी जगह पर नेपाली नौकर का गिरोह एक ही तरीके से वारदात को अंजाम देता है।
दर्जनों सिम कर चुका इस्तेमाल
पुलिस का कहना कि वीरू दर्जनों सिम इस्तेमाल कर चुका है। उसने अधिकांश सिम लखीमपुर खीरी के पते पर लिए गए हैं। हर वारदात के बाद वह सिम बदलता रहा है। अगली वारदात से पहले नया सिम खरीदता है। सर्विलांस की टीम उसके इन सिम नंबरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और गोरखपुर के बॉर्डर पर निगरानी
एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि नेपाल जाने के तीनों रास्तों (पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और गोरखपुर) पर निगरानी की जा रही है। मेरठ पुलिस बार्डर तक पहुंच गई है। आरोपी और उसके तीनों साथी मेरठ से कौन से रास्ते से भागे हैं। यह देखने के लिए सीसीटीवी कैमरे देखे जा रहे हैं। सर्विलांस टीम वीरू से संपर्क वालों के बारे में छानबीन कर रही है।