किसी भी परियोजना के शुरू होने से पहले इंजीनियरों को सुरक्षा के नियम सिखाए जाते हैं। लेकिन परतापुर तिराहे पर दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण में नियमों को दरकिनार कर काम किया जा रहा है। कहीं पर भी रिफलेक्टर और संकेतक का प्रयोग नहीं किया गया है। लाइट भी नहीं लगाई गई है, जबकि निर्माणाधीन स्थल पर कई जगह गड्ढे है और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एनएचएआई की लापरवाही पर अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट...
अमर उजाला के कैमरे में कैद हुई इंजीनियरों की लापरवाही, यकीं नहीं तो देखिए ये तस्वीरें
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए परतापुर तिराहे पर चल रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। एक्सप्रेसवे के प्रमुख केंद्र परतापुर तिराहे पर चारों तरफ खुदाई कार्य जारी है। लेकिन कहीं भी रिफलेक्टर, संकेतक नहीं लगाए गए हैं। दिल्ली और मेरठ की तरफ से आने वाले वाहनों को रास्ता न दिखाई देने से दुर्घटना होने के आसार हैं। कहीं भी प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। इस लापरवाही से एनएचएआई अनजान है।
परतापुर तिराहे पर एक्सप्रेसवे के लिए इंटरचेंज का निर्माण किया जा रहा है। इस स्थान पर तीन अंडरपास बनने हैं। एक रेलवे ओवर ब्रिज और एक रोड ओवरब्रिज तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सैकड़ों इंजीनियरों की टीम परतापुर तिराहे पर तैनात है। इसके बाद भी यहां हो रही लापरवाही किसी की भी जान ले सकती है।
रात के अंधेरे में परतापुर तिराहा
चारों तरफ हो रही खुदाई के बाद भी परतापुर तिराहे पर अंधेरा छाया हुआ है। मेरठ और देहरादून की तरफ जाने वाले वाहनों को भी संकेतक नहीं दिखाई दे रहे हैं। टू-व्हीलर वाहनों के लिए बड़े वाहन खतरा बने हैं। खुदाई होने के बाद रास्ता भी संकरा हो गया है। इसके बाद भी एनएचएआई सबक नहीं ले रहा है।
रिफलेक्टर और संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अगर लापरवाही बरती जा रही है तो गलत है। मैं खुद एक-दो दिनों में रात में आकर निरीक्षण करूंगा। - अरविंद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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