मुजफ्फरनगर में फीस के सिर्फ पांच हजार रुपये जमा कराने के विवाद ने छात्र उज्ज्वल राणा की जान ले ली। मृतक की बहन सलोनी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में स्कूल प्रबंधन, पुलिस के उत्पीड़न और संवेदनहीनता का आरोप लगाया गया।
सलोनी के अनुसार, प्राचार्य प्रदीप कुमार ने उज्ज्वल से यहां तक कहा कि कॉलेज तेरे बाप की धर्मशाला नहीं है। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उज्ज्वल की पिटाई की और जेल भेजने की धमकी भी दी।
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पुलिस मामले की जांच में जुटी
- फोटो : अमर उजाला
आहत और अपमानित उज्ज्वल ने कॉलेज में ही आत्महत्या की धमकी दी थी। अमानवीयता की हद तो तब हो गई जब प्राचार्य और पीटीआई ने कहा कि कल करता तो आज आत्महत्या कर ले।
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डीएवी कॉलेज बुढ़ाना में तैनात पुलिसबल
- फोटो : वीडियो ग्रैब
जो बचाने आएगा, उसे रेस्टीकेट कर देंगे
इतना ही नहीं जब उज्ज्वल ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली तो आरोपियों ने कहा कि जो बचाने आएगा, उसे रेस्टीकेट कर दिया जाएगा। इसके बाद भी कुछ छात्रों ने उसे प्रयास किया, जिसके चलते उनके हाथ और बैग जल गए।
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छात्रों के साथ कॉलेज के गेट पर खड़ा उज्जवल राणा
- फोटो : फाइल फोटो
सलोनी राणा ने डीएवी कॉलेज में हुए घटनाक्रम में बताया कि उज्ज्वल ने फीस जमा करने के लिए मोहलत मांगी थी लेकिन प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज तेरे बाप की धर्मशाला नहीं है। उन्होंने धक्के देकर कार्यालय से निकाल दिया। इसके बाद इशारा कर पीटीआई संजीव कुमार से पिटाई कराई गई।
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छात्र उज्ज्वल राणा का फाइल फोटो
- फोटो : वीडियो ग्रैब
उज्ज्वल चीखता-चिल्लाता रहा लेकिन प्राचार्य ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। एसआई नंद किशोर, सिपाही ज्ञानवीर और विनीत ने भी छात्र की पिटाई की और जेल भेजने की धमकी देते हुए कि कॉलेज को धर्मशाला समझ रखा है।