पश्चिम बंगाल के फरक्का में गश्त के दौरान नाव से गिरकर शहीद हुए मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी अमित कुमार का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे की शहादत की जानकारी मिलते ही गांव खरड़ सहित पूरे गठवाला खाप में शोक छा गया। पार्थिव शरीर को फुगाना बस अड्डे से गांव में ले जाने के दौरान लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। तीन किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए ग्रामीण, अधिकारी और जनप्रतिनिधि शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर खरड़ गांव पहुंचे।
Muzaffarnagar: शहीद जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, पांच साल के बेटे ने दी मुखग्नि
उप जिलाधिकारी अरूण कुमार, भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, रालोद विधायक राजपाल बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक, डॉ विवेक बालियान, भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, ग्राम प्रधान विकास मलिक, पूर्व प्रधान नितिन मलिक, रविंद्र सिंह, विपिन व ब्रजपाल सहित सभी रिश्तेदार व ग्रामीण मौजूद रहे।
अंतिम विदाई देने पहुंचे लोग तो जाम हो गई सड़कें
बुढ़ाना में शहीद का पार्थिव शरीर फुगाना बस अड्डे पर पहुंचा तो अपार भीड़ उमड़ पड़ी। विभिन्न वाहन व भीड़ के कारण सड़क पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। फुगना बस अड्डे से शहीद के परिवार के घर तक ग्रामीण व नेता पैदल पहुंचे। घंटों बाद सड़क खाली होने पर जाम खुला।
शहीद अमित कुमार का छोटा भाई भीम सिंह भी बीएसएफ का जवान है। उसकी तैनाती भी पश्चिमी बंगाल में है। करवाचौथ के त्यौहार पर भीम सिंह छुट्टी आया था। 13 अक्टूबर बृहस्पतिवार को रात 10 बजें छोटे भाई भीम सिंह के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही परिवार गम में डूब गया।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि
इस मौके पर जितेंद्र मलिक, नरेंद्र सिंह, थामसिंह, मुकेश मलिक, अमित मलिक, रजनीश मलिक, प्रवीण मलिक, चिंटू, छोटू, बिजेंद्र सिंह, राजवीर, सुधीर, देवेंद्र व रविंद्र आदि सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।