प्रेमिका से शादी रचाने के लिए आशीष सांगवान ने पत्नी ज्योति और दो साल की बेटी भव्या की हत्या कर उनके शव को गंगनहर में फेंका था। पुलिस ने बुधवार रात नामजद पति आशीष को हिरातस में ले लिया, उससे गहनता से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और वारदात कबूल कर ली। उसने ज्योति के सिर में डंडा मारा और भव्या की गला दबाकर हत्या की। यह वारदात कुबूलने के बाद पति को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ सरधना ब्रिजेश सिंह का कहना कि मां-बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या के संकेत मिले थे। आरोपी ने परिवार के लोगों को तंत्र-मंत्र के चलते गंगनहर पर पूजा पाठ करने की बात कहीं थी। आगे पढ़ें आखिर कैसे आरोपी आशीष ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।
Murder: मां-बेटी की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, पति निकला आरोपी, पूछताछ में खोली वारदात की पूरी सच्चाई
मां-बेटी की हत्या के संकेत मिले तो पुलिस ने भव्या के शव का भी बुधवार को पोस्टमार्टम कराया। सीओ के मुताबिक ज्योति की तरह ही भव्या की भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
भव्या का विसरा सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पति आशीष सांगवान पर हत्या का शक और गहरा गया। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना कि नामजद पति को गिरफ्तार कर लिया है। गाजियाबाद के निवाड़ी स्थित फॉरेसिंक लैब को चिट्ठी भेजेंगे कि जल्दी भव्या की जांच रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
आशीष की बातों पर विरोधाभास
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन आशीष ने बताया था कि बेटे की चाहत में तंत्र-मंत्र के चलते वह पहले ज्योति और भव्या को लेकर जोहड़ी बागपत गए थे। उसके बाद रविवार सुबह गंगनहर पर पूजा पाठ करने आए थे। मोदीनगर के तांत्रिक के कहने पर उन्होंने ऐसा करना बताया था। पुलिस ने तांत्रिक की तलाश में मोदीनगर में दबिश दी, लेकिन वहां पर कोई तांत्रिक नहीं मिला। अब बताया जा रहा कि तांत्रिक उनको रास्ते में मिला था। आशीष की बातों में कई विरोधाभाष है। आशीष ने जो-जो बातें बताई थी, वह सही नहीं मिली।
बच्ची चुप नहीं हो रही थी तो गला दबा दिया
एसएसपी के मुताबिक आशीष ने पहले पत्नी को मारकर नहर में फेंक दिया। दो साल की बच्ची भव्या रोते हुए चुप नहीं हो रही थी। इसके बाद आशीष ने भव्या का गला दबाकर मार दिया और उसको भी नहर में फेंक दिया। बेटी को गंगनहर में फेंकने के बाद अपने परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस पहुंची तो उसने हादसे में मां-बेटी के गंगनहर में डूबने का नाटक किया। मां-बेटी की हत्या में प्रेमिका की भूमिका है या नहीं। इसकी जांच के लिए प्रेमिका से भी पूछताछ की जाएगी। देर रात तक आशीष की निशानदेही पर प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया।
एक तीर से दो निशाने साधना चाहता था आशीष
आशीष सांगवान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। वह एक तीर से दो निशाने साधना चाहता था। वह तीन बेटियों का पिता है। करीब एक साल से पड़ोस के गांव की युवती से उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उसने प्लानिंग बनाई थी कि पत्नी की हादसे में मौत दर्शाकर प्रेमिका से शादी रचा लेगा। उम्मीद थी कि इस पत्नी से बेटा भी हो सकता है। ज्योति को अकेला मारने से मायके वालों को शक होने की आशंका थी। वह ज्योति और भव्या को पहले जोहड़ी लेकर गया और फिर तांत्रिक की विधि बताकर मां-बेटी को गंगनहर पर ले आया। हत्या के बाद दोनों को अलग-अलग नहर में फेंका था।