मेरठ में कंकरखेड़ा निवासी अपहृत युवती 33 दिनों बाद दुबई से मेरठ लौट आई। युवती ने बताया कि उसकी पाकिस्तानी निवासी नदीम से फेसबुक पर चैट होती थी। नदीम ने उसे दो लाख रुपये महीने की नौकरी लगवाने का झांसा देकर दुबई बुलाया था।
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संसद में बोलते सांसद राजेंद्र अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मामला संसद में गूंजने और दुबई में भारतीय दूतावास के सक्रिय होने पर नदीम दुबई से भाग निकला। दुबई में पैसे खत्म होने के बाद युवती ने दूतावास और एक एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क किया। जिसके बाद दूतावास के अधिकारियों ने युवती के परिजनों को जानकारी दी। शाम को युवती अपने घर पहुंच गई।
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पाकिस्तानी नदीम
- फोटो : इंस्टाग्राम
कंकरखेड़ा क्षेत्र की रहने वाली युवती ने इसी वर्ष 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। युवती एक प्ले स्कूल में अपनी मां के स्थान पर पढ़ा रही थी। इसी वर्ष चार नवंबर को उसका पासपोर्ट बना था। आठ नवंबर को वह घर से पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाणपत्र और सात हजार रुपये लेकर घर से निकली थी। लेकिन लौटी नहीं थी। थाना पुलिस के कोई कार्रवाई न करने पर युवती के परिजनों ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से मदद मांगी थी। सांसद के दखल के बाद एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस टीम गठित कीं।
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पाकिस्तानी नदीम
- फोटो : इंस्टाग्राम
पुलिस ने विदेश मंत्रालय से जानकारी जुटाई तो पता चला कि युवती आठ नवंबर की रात ही दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई पहुंच चुकी थी। सांसद ने युवती की बरामदगी की मांग संसद में उठाई। जिसके बाद यह मामला दूतावास तक पहुंचा। दुबई में सुरक्षा एजेंसियां और भारतीय दूतावास ने युवती की खोजबीन शुरू कर दी।
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पाकिस्तानी युवक नदीम का सोशल मीडिया प्रोफाइल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं मंगलवार रात दुबई स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने युवती के परिजनों से संपर्क किया। उनसे बातचीत करने के बाद युवती से उनकी फोन पर बात कराई। जिसके बाद दूतावास के अधिकारी उसे दुबई से लेकर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर युवती का भाई और पिता पहुंचे। जहां युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।