फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बागपत में ताम्र युग के अवशेष मिले, 5 हजार साल पहले भी श्रृंगार की शौकीन थीं महिलाएं, देखें तस्वीरें

Thu, 07 Jun 2018 12:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 07 Jun 2018 12:03 PM IST
विज्ञापन
Mirror and comb found near the woman skeleton crematory in baghpat
उत्खनन के दौरान मिला रथ - फोटो : अमर उजाला

पांच हजार साल पहले भी महिलाएं श्रृंगार की बेहद शौकीन थी। शवादान गृह में महिला के कंकाल के पास तांबे का शीशा और हड्डियों से बना कंघा मिलने से इसकी पुष्टि हुई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिनौली में उत्खनन के बाद मिले अवशेषों से करीब पांच हजार साल पहले के ताम्रयुग की पुष्टि हो चुकी है।

Mirror and comb found near the woman skeleton crematory in baghpat
खुदाई में मिला शीशा - फोटो : अमर उजाला
शवादान गृह में महिला के कंकाल के पास तांबे का शीशा और हड्डियों से बना कंघा मिला है, इससे स्पष्ट होता है कि पांच हजार साल पहले भी महिलाएं श्रृंगार की बेहद शौकीन थी। अंतिम संस्कार के दौरान इनके पास कंघा और शीशा रखा जाता है। इस काल के लोग भी पुनर्जन्म को मानते थे।
Mirror and comb found near the woman skeleton crematory in baghpat
खुदाई में मिला कंघा - फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम ने सिनौली में उत्खनन कार्य किया। करीब 13 साल पहले सादिकपुर सिनौली में ही हड़प्पा कालीन सभ्यता के संकेत मिले, अब यहीं पर पांच हजार साल पहले के ताम्रयुग की पुष्टि हो चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Mirror and comb found near the woman skeleton crematory in baghpat
महिला का कंकाल मिला - फोटो : अमर उजाला
उत्खनन में मिट्टी के बर्तन, पुरानी तलवार, म्यान, तांबे के अवशेष के अलावा नर कंकाल भी मिले हैं। पांच हजार साल पुराने इतिहास की परतों को जोड़ने के लिए किए उत्खनन में कई महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। कब्र में लकड़ी और तांबे के टुकड़े मिले हैं। इतिहासकार डॉ. केके शर्मा बताते हैं कि खुदाई में एक महिला के कंकाल के पास हड्डियों से बनाया  कंघा और तांबे का शीशा मिला है। 
विज्ञापन
Mirror and comb found near the woman skeleton crematory in baghpat
आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया के लिए यह बड़ी कामयाबी है। इससे पांच हजार साल पहले ताम्रयुग की पुष्टि होती है। यह भी साबित होता है कि महिलाएं श्रृंगार की बेहद शौकीन थी। पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल के नेतृत्व में  सिनौली में खुदाई का कार्य कराया गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed