मछेरान में बुधवार को हुई आगजनी के बाद जिलाधिकारी सहित तमाम अफसर दूसरे दिन माहौल को शांत बनाए रखने और भांपने में लगे रहे। वहीं, आग में हुई क्षति के मुआवजे को लेकर भी सवाल उठ रहा है। क्योंकि जिन घरों में आग लगी है, उन्हें अवैध निर्माण बताया जा रहा है और ऐसे में नियमानुसार मुआवजा नहीं मिल सकता है।
मछेरान में बुधवार को कैंट बोर्ड द्वारा अवैध निर्माण हटाने का अभियान चलाने के दौरान जमकर बवाल के बीच आगजनी हुई। जिसमें विवादित जमीन पर बने सौ से ज्यादा कच्चे पक्के निर्माण जल गए और उनमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
इस आगजनी में हुई क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजे को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। कानूनी तौर पर यदि यह अवैध निर्माण हैं, तो कोई मुआवजा इन लोगों को नहीं मिलेगा।
इसके अलावा बड़ा सवाल ये है कि इस जगह पर दोबारा निर्माण भी मुश्किल होगा। जिसे लेकर प्रशासनिक अफसर भी विधि विशेषज्ञों से राय लेने के साथ नियमों को खंगाल रहे हैं।
इस मामले में प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का भी आदेश है कि अवैध काम में यदि कोई क्षति होती है, तो उसकी कोई क्षतिपूर्ति नहीं की जाएगी। ऐसे में मछेरान में जिन लोगों के घरों में आग लगी है, उनकी हुई क्षति की पूर्ति को लेकर सवाल खड़ा हो गया है।