बुलंदशहर बवाल में इंस्पेक्टर की हत्या के बाद अब भीड़ से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मॉब लिंचिंग पर पुलिस विभाग के अधिकारी खास योजना बना रहे हैं। नई तैनाती के एक सप्ताह में पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बैठक करेंगे। एसएसपी अखिलेश कुमार के निर्देश पर एसपी क्राइम ने बुधवार को सभी चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी, सीओ और एडिशनल एसपी के लिए प्लान तैयार कर भेजा है।
भीड़ से निपटने के लिए अब पुलिस को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, मॉब लिंचिंग पर ऐसे कसेंगे शिकंजा
बीते तीन दिसंबर को बुलंदशहर में भीड़ ने पहले पुलिस चौकी पर धरना दिया था। जाम लगाया और उसके बाद इंस्पेक्टर की गाड़ी घेरकर पथराव व फायरिंग की थी। मौके पर पुलिस से कई गुना मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई थी। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीओ सत्यप्रकाश शर्मा को चिंगरावठी चौकी में बंद कर चौकी में आग लगा दी गई। यह प्रकरण देश भर में चर्चा का विषय बन गया।
पूरी प्लानिंग से होता है काम
अब मॉब लिंचिंग को लेकर पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदारी एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक को दी गई है। एसपी क्राइम का कहना है कि बुलंदशहर की घटना पर लगातार जांच चल रही है। कई तथ्य ऐसे हैं जिन पर पुलिस ने प्लान तैयार किया है। बुलंदशहर जैसी घटना आगे न हो, इसके लिए भी पुलिस काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कई बार अफवाहों के चलते भीड़ एकत्र होने लगती है। पुलिस के लिए ऐसे में जहां भीड़ के माहौल को भांपना प्राथमिकता होती है, वहीं भीड़ को संभालना चुनौती होती है।
कई बार हालात देखकर मुश्किल हो जाता है कि आखिर अचानक से एक साथ इतने लोग कैसे आ जाते हैं। भीड़ में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो बवाल कराने में अहम भूमिका निभाते हैं और भीड़ को भड़काने का ही काम करते हैं। कई बार यह भी सामने आता है कि भीड़ जब एकत्र होती है तो उसमें अपराध करने वाला कोई भी आरोपी भीड़ को मिल जाता है, या फिर भीड़ किसी को पकड़कर पीट रही होती है तो ऐसे में पुलिस को उसे छुड़ाना भी चुनौती होता है। कई बार भीड़ अपराधी को छोड़कर पुलिस से भिड़ जाती है। जिसके बाद उपद्रव जैसी घटना को संभालने में पुलिस को पूरी प्लानिंग से काम करना पड़ता है।
मॉब लिंचिंग पर ऐसे लगाएं रोक
एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि जो प्लान तैयार किया गया है उसमें मॉब लिंचिंग पर रोक लगाने के लिए चौकीदार, गांव प्रधान, लेखपालों के साथ प्रत्येक माह मीटिंग की जाएगी। इसमें एसपी देहात, एसपी सिटी, एसडीएम, तहसीलदार, सीओ, थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज भी रहेंगे। पुलिस विश्वास दिलाएगी कि कोई भी सूचना या घटना हो तो भीड़ एकत्र न होने दें। पुलिस को तत्काल सूचना दें। बीट सिपाही और चौकी इंचार्ज की भी जिम्मेदारी तय की गई है। भीड़ जुटने पर कंट्रोल रूम और फायर कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें। जिससे दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच सके। मौके पर पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों के पास भीड़ से निपटने के सुरक्षा संसाधन होने चाहिए।