मेरठ में तिरंगे को सीने से लगाकर भीड़ के बीच एक कोने में खड़ी स्वाति की आंखों का पानी सूख चुका था। वह कभी रोती तो कभी गुमसुम सी खड़ी अपने पति मयंक को निहार रही थी। सैन्य अधिकारियों ने उसे समझाकर वहां से हटाया, तो स्वाति ने मयंक को सैल्यूट किया और आई लव यू कहकर वहां से हट गई। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने भी मयंक को सैल्यूट किया।
सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर जैसे ही सैन्य अधिकारियों ने स्वाति को तिरंगा सौंपा, तो उसने उसे सीने से लगा लिया और पति के चरणों से लिपटकर रोने लगी। परिवार के लोगों की आंखों से भी झर-झर आंसू बह रहे थे। इसके बाद सैनिकों ने पार्थिव शरीर को चिता पर रख दिया। स्वाति वहीं पर एक कोने में खड़ी हो गई और पति को निहारती रही। पिता विरेंद्र सिंह ने जैसे ही मुखाग्नि दी, तो स्वाति फिर रोने लगी। परिवार की अन्य महिलाओं और सैन्य अधिकारियों ने उसे वहां से हटाया। इससे पहले स्वाति ने पति को सैल्यूट किया और आई लव यू कहा।
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शहीद मेजर की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
- फोटो : amar ujala
सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
शहीद मेजर मयंक विश्नोई को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। थ्री जाट रेजीमेंट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। आरआर बटालियन की राजपूत रेजीमेंट सहित सभी सैन्य अफसरों ने पुष्प चक्र अर्पित किए।
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शहीद मेजर के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़।
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स्वाति की बहन हो गई बेहोश
सूरजकुंड श्मशान घाट पर अपने जीजा शहीद मेजर के अंतिम दर्शन करके और स्वाति के आंसुओं को देखकर बहन बेहोश होकर गिर पड़ी। परिवार के लोगों ने पानी पिलाकर होश दिलाया।
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विलाप करते परिजन।
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तीन दोस्तों की जोड़ी को लग गई नजर
मेजर मयंक का एक दोस्त एयरफोर्स में तो दूसरा बैंक में कार्यरत है। तीनों दोस्तों की जोड़ी पूरे क्षेत्र में मशहूर थी। मार्शल पिच और डिफेंस में हुए कई क्रिकेट टूर्नामेंट में तीनों ने जीत दिलाई। तीनों दोस्तों में पढ़ाई और स्पोर्ट्स में मेजर मयंक सबसे अच्छे थे। समय मिलने पर दोस्तों के नोट्स बनाने और पढ़ाई में भी मदद करते थे।
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विलाप करते परिजन।
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मेजर मयंक ने 12वीं तक की शिक्षा केवी पंजाब लाइंस से प्राप्त की। स्कूल में उनका सिर्फ एक मित्र नंगलाताशी निवासी अमन रहा। अमन आजकल एयरफोर्स में टेक्निकल विभाग में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त एक और मित्र दिशांत शर्मा रहा, जो शिवलोकपुरी में मयंक के पड़ोस में रहता है। दिशांत ने कृष्णा पब्लिक स्कूल से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की और आजकल पीएनबी में कार्यरत हैं।