पांव में छाले और जुबां पर भोले के जयकारों के संग कांवड़िये मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। कुछ मन्नत पूरी होने पर कांवड़ ला रहे हैं और तो कुछ ने कांवड़ के साथ ही मन्नत भी मांगी है।
मेरठ में हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या और दिनों के मुकाबले मंगलवार को चार गुना अधिक रही। बारिश के बाद मौसम अनुकूल होने के चलते शिवभक्तों ने दिन में भी यात्रा की। मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, रुड़की रोड और दिल्ली रोड पर 150 से अधिक सेवा शिविर लगाए गए हैं।
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कांवड़ यात्रा।
- फोटो : अमर उजाला
प्रेमिका से शादी हो तो लाए कांवड़
दिल्ली निवासी राहुल ने बताया कि वह कई साल से सारिका से प्रेम करते थे। परिवार तैयार नहीं था, इसलिए शादी नहीं हुई। 23 साल से लगातार कांवड़ ला रहा हूं। बीते वर्ष परिजन मान गए और विवाह हो गया।
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कांवड़ यात्रा।
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मन्नत मांगी थी कि विवाह होने पर दोनों साथ में कांवड़ लाएंगे। भगवान शिव ने मुराद पूरी कर दी इसलिए साथ में कांवड़ लाए हैं। आगे भी परिवार की सुख समृद्धि के लिए कांवड़ लाएंगे।
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कांवड़ यात्रा।
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स्कूली छात्र लाए पहली बार कांवड़
रोहिणी निवासी 18 वर्षीय सचिन, 18 वर्षीय कृष्ण सिंह, 20 वर्षीय रोहित और सुलतानपुरी निवासी 17 वर्षीय दिपांशु चारों दोस्त पहली बार कांवड़ लाए।
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कांवड़ यात्रा।
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सभी युवकों के दसवीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास हुए। मन्नत मांगी थी कि अच्छे नंबर से उत्तीर्ण होने पर कांवड़ लाएंगे। चारों दोस्तों ने 7 जुलाई को जल उठाया और 11 को मेरठ पहुंच गए।