शहीद रोहित का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पत्नी अमरेश चौधरी और मां कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोनों बेसुध हो गईं। मां बार-बार बस यही बोल रही थी कि एक महीने पहले ही घर में बच्चे के रूप में खुशियां आईं थीं, लेकिन सब कुछ लुट गया। वो बस यही बोलती रही कि मेरा लाल अपने छोटे बेटे का चेहरा भी नहीं देख पाया।
रोहित की शादी यूपी पुलिस में कांस्टेबल अमरेश चौधरी से हुई थी। अमरेश की तैनाती नौचंदी थाने में है। रोहित का बड़ा बेटा विवान तीन साल का है। रोहित की पत्नी के चार जुलाई को ही दूसरा बच्चा हुआ था। छह महीने पहले रोहित छुट्टी आए थे, इसके बाद उनको छुट्टी नहीं मिली। दूसरे बेटे के जन्म की खबर सुनकर वे बहुत खुश थे। पत्नी और मां से कहा था कि छुट्टी मिलते ही आऊंगा। उन्होंने बच्चे का नाम प्रिंस रखने को कहा था। बेटे के जन्म के 10 दिन बाद वे हादसे का शिकार हो गए। पिता लोकेश और रोहित का छोटा भाई दीपांशु भी बेसुध हो गए। पिता रोते हुए कहते रहे कि मेरा तो सहारा ही चला गया।
2 of 5
martyr meerut , rohit siwach
- फोटो : Amar Ujala Meerut
ऐसे हुआ था हादसा
जम्मू-कश्मीर में तैनात रजपुरा के लाल रोहित सिवाच (30 वर्ष) रविवार को शहीद हो गए। चार जुलाई को ड्यूटी के दौरान अंगीठी में ब्लास्ट होने पर वह बुरी तरह से झुलस गए थे। उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा। सोमवार शाम उनका पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचा तो श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ पड़े। कमिश्नरी आवास चौराहे पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ जुट गई। भगत लाइंस से पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सैन्य सम्मान के साथ जवान का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
3 of 5
martyr meerut , rohit siwach
- फोटो : Amar Ujala Meerut
रोहित 2011 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता लोकेश सिवाच भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। राइफलमैन रोहित जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। परिजनों के अनुसार चार जुलाई को अधिकारियों ने रोहित के झुलसने की जानकारी दी। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली स्थित आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिता लोकेश और परिवार के लोग अस्पताल में ही थे। रविवार सुबह रोहित की मौत हो गई।
4 of 5
martyr meerut , rohit siwach
- फोटो : Amar Ujala Meerut
उधर, मेरठ के लाल की शहादत की सूचना मिलते ही रजपुरा और आसपास के क्षेत्र में मातम छा गया। सुबह से लोग उनके आवास पर पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर ढाई बजे दिल्ली से पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से भगत लाइन लाया गया।
5 of 5
martyr meerut , rohit siwach
- फोटो : Amar Ujala Meerut
गूंजे भारत माता के जयकारे, हर आंख नाम
कमिश्नरी चौराहे पर हजारों की संख्या में लोग तिरंगे और रोहित के नाम के बैनर लेकर खड़े थे। पार्थिव शरीर पहुंचा तो भारत माता के जयकारे गूंजने लगे। ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, रोहित तेरा नाम रहेगा’ की गूंज सुनाई देने लगी। सैकड़ों लोग वाहनों पर तिरंगा लेकर चल रहे थे। शाम पांच बजे गांव के श्मशान में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रोहित के तीन साल के बेटे विवान ने मुखाग्नि दी।