मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को भले ही एमडीए ने मानचित्र स्वीकृति और तमाम अनियमितताओं के चलते 2019 में सील कर दिया हो, लेकिन बिजली का लगातार घूम रहा मीटर प्लांट के चलने की गवाही दे रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का दावा है कि न तो उन्हें एमडीए ने सील लगाने की जानकारी दी और न ही प्लांट प्रबंधन ने। उनके कनेक्शन पर लगातार बिजली आपूर्ति हो रही है। इस बीच बकाये के चलते कनेक्शन कटता रहा और चुकाने पर जुड़ता रहा। हाल ही में दिसंबर 2021 और मार्च महीने में बकाये में कनेक्शन काटा गया, जो बकाया भुगतान होने पर जोड़ दिया गया। एमडी कार्यालय की तरफ से भी एमडीए से दो तीन साल पहले की गई सीलिंग की कार्रवाई का आदेश मांगा गया है।
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याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 12 फरवरी 2018 से 3900 केवीए का विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले चार साल से ये कनेक्शन लगातार चल रहा है और मीटर की एमआरआई के जरिये इसकी बिलिंग हो रही है।
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याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
कनेक्शन पर करीब 65 लाख रुपये का बकाया होने के चलते दिसंबर 2022 में काट दिया था। लेकिन प्रबंधन द्वारा 60 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद इसे जोड़ दिया गया।
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हाजी याकूब कुरैशी।
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इसके बाद इस कनेक्शन पर जनवरी और फरवरी का फिर से करीब 39 लाख रुपये बकाया हो गया। इसके चलते इसे गत 21 मार्च को काट दिया गया। प्लांट प्रबंधन द्वारा 20 लाख रुपये पार्ट पेमेंट करने के बाद 23 मार्च को जोड़ा गया। इसके साथ ही विभाग की तरफ से बाकी बकाये का भी 31 मार्च तक भुगतान करने का नोटिस दिया गया। बकाया नहीं देने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई।
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई।
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वहीं जांच कमेटी ने एमडी कार्यालय को दी रिपोर्ट में भी यही जानकारी दी कि प्लांट पर बिजली लगातार दी जा रही है। सीलिंग कार्रवाई की सूचना न तो एमडीए ने दी और न ही प्लांट प्रबंधन ने। बिजली कर्मचारी प्लांट के बाहर बने मीटर रूम से रीडिंग लेकर बिल बनाते रहे और प्लांट प्रबंधन बिल जमा कराता रहा।