मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी अलफहीम मीटैक्स प्राइवेट लिमिटेड पर एमडीए बुलडोजर चलाने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर विधिक राय ली जा रही है।
याकूब कुरैशी की फैक्टरी का भू-उपयोग बदलने का आवेदन पहले ही शासन ने निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ याकूब कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। इस बीच पुलिस-प्रशासन समेत छह विभागों की टीम ने संयुक्त छापा मारकर फैक्टरी में बिना किसी अनुमति के निर्यात के लिए रखा 2460 क्विंटल मीट बरामद किया था। सोमवार को खुले में रखा करीब 80 क्विंटल मीट सोमवार को नष्ट भी कर दिया गया है।
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई।
- फोटो : amar ujala
हाजी याकूब की हापुड़ रोड स्थित यह फैक्टरी 13 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनी है। इसमें से 10 हेक्टयेर भूमि सार्वजनिक सुविधाओं वाली सरकारी भूमि, एक हेक्टेयर में ग्रीन बेल्ट और 0.234 हेक्टेयर भूमि रोड वाइडनिंग की है।
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हाजी याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
इस भूमि में से सिर्फ 0.130 हेक्टेयर भूमि ही औद्योगिक प्रयोग के लिए है। एमडीए ने फैक्टरी पर सील लगा दी थी।
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई।
- फोटो : amar ujala
इसी को लेकर बार-बार शासन, एमडीए में याकूब कुरैशी पत्राचार करते रहे। हाईकोर्ट ने 2019 में सील खोलकर हाजी याकूब को मीट बाहर निकालने की अनुमति दी थी। इस आदेश में यह भी कहा गया था कि मीट प्लांट संचालित नहीं किया जाएगा। इस पर याकूब ने शपथ पत्र भी दिया था। इसके बावजूद यहां मीट की पैकिंग होती मिली है।
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याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
ध्वस्तीकरण की फाइल तैयार
ध्वस्तीकरण के लिए फाइल तैयार कर ली गई है। फैक्टरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधिक राय ली जा रही है। अगले दो-तीन दिन में फाइनल निर्णय ले लिया जाएगा। - मृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष, एमडीए