मेरठ में हस्तिनापुर कस्बे के प्राचीन पांडव टीले पर चल रहे उत्खनन के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को ऐतिहासिक युग के कई और प्राचीन अवशेष मिले हैं। तेज हवाओं की वजह से टीम को सैंपल लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रविवार को पांडव टीला उल्टा खेड़ा से उत्खनन के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम को ऐतिहासिक युग के कई प्राचीन अवशेष मिले। इनमें दो प्राचीन मनके, सिलबट्टा, प्राचीन मृदभांड, टेराकोटा की खिलौना गाड़ी का एक पहिया व टेराकोटा की डिस्क, टेराकोटा का प्राचीन झावा, हड्डियों के अवशेषों के साथ-साथ कार्बोनेटेड चावल, गेहूं, एवं उड़द की दाल के अवशेष प्राप्त हुए हैं। प्राचीन मिट्टी के बर्तनों के अवशेष टेराकोटा के अवशेष प्राप्त हो रहे हैं।
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हस्तिनापुर में उत्खनन।
- फोटो : amar ujala
पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे उत्खनन में अभी तक ऐतिहासिक काल की खुदाई चल रही है। उत्खनन में निकलीं कुछ दीवारें राजपूत काल की बताई जा रही हैं। अभी तक उत्खनन में मिले अवशेषों को विभाग की टीम ने अलग-अलग एकत्रित कर जांच के लिए पुरातत्व विभाग की लैब में भेजा है।
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हस्तिनापुर।
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वहीं खुदाई के दौरान ट्रेंच में मिट्टी की नई लेयर आने पर मिट्टी की सैंपलिंग की जा रही है ताकि वह किस कालखंड से जुड़ी है इस बात की जानकारी भी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से मिल सके। उत्खनन के दौरान मिट्टी में मिलने वाले बारीक से बारीक अवशेषों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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हस्तिनापुर में उत्खनन।
- फोटो : amar ujala
पुरातत्व विभाग के अधिकारी लगातार मिट्टी को छानकर उसमें मिलने वाले हर कण की जांच कर रहे हैं। ताकि इतिहास को बयां करने वाला कोई भी अवशेष न छूटने पाए। इस लिए खुदाई के बाद सभी अवशेषों को बारीकी से गहनता से जांच पड़ताल हो रही।
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हस्तिनापुर में उत्खनन।
- फोटो : amar ujala
मिट्टी की जांच के लिए आएगी टीम
पांडव टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के विशेषज्ञों की एक टीम जल्द ही प्राचीन पांडव पीला उल्टा खेड़ा पर पहुंचेगी। यह टीम मिट्टी की भी जांच करेगी।