मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की फैक्टरी में पांच करोड़ रुपये का मीट पकड़ा गया है। पुलिस ने इस मामले में हाजी याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी, बेटे इमरान और फिरोज समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने फैक्टरी से 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
फैक्टरी पर छापा पड़ा तो मचा हड़कंप
पुलिस और प्रशासन की टीम ने बुधवार की रात को पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की सील मीट फैक्टरी अल-फहीम मीटैक्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापा मारा तो भगदड़ मच गई। इस दौरान कुछ कर्मचारी फैक्टरी की दीवार फांदकर मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
2 of 6
याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
बताया गया कि पुलिस, प्रशासन, राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य विभाग, विद्युत निगम, नगर निगम और पशुपालन विभाग की टीम ने करीब 19 घंटे तक फैक्टरी में जांच पड़ताल की।
3 of 6
याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
एमडीए ने वर्ष 2019 में पुलिस-प्रशासन के साथ इस फैक्टरी को सील कर दिया था। बुधवार रात दो बजे डीएम और एसएसपी के निर्देश पर एसडीएम सदर संदीप भागिया और एसपी देहात केशव कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की। टीम ने यहां 2460 क्विंटल मीट बरामद किया। राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य विभाग, विद्युत निगम, नगर निगम, पशुपालन विभाग सभी की टीम भी मौके पर मौजूद थी।
4 of 6
हाजी याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
शपथ पत्र देने के बाद भी कर दिया संचालन
वर्ष 2019 में फैक्टरी पर एमडीए ने सील की कार्रवाई की थी। इस स्थान पर ग्रीन बेल्ट में भी निर्माण किया हुआ था। इसके ध्वस्त होने के बाद भी बिल्डिंग नियमों के अनुसार फैक्टरी के मानक पूरे नहीं हो रहे थे। इसके बाद शासन में बिल्डिंग का जमीन उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन के लिए शासन में भी आवेदन किया गया था। जिसे शासन ने निरस्त कर दिया था।
5 of 6
हाजी याकूब की फैक्टरी में छापा।
- फोटो : amar ujala
एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने बताया कि फैक्टरी में अन्य किसी भी तरह का कार्य संचालित न करने के लिए शपथ पत्र भी दिया गया था। इसके बावजूद भी फैक्टरी में कार्य संचालित होता पाया गया। अब इस फैक्टरी पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।