उत्तर प्रदेश के मेरठ में मां-बेटी प्रिया और कशिश की हत्या की वारदात रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिसने भी सुना और देखा वह दंग रह गया। लव जिहाद में फेसबुक से हुई दोस्ती में खूब फरेब हुआ। मुख्य आरोपी शमशाद ने अपने साले दिलावर के साथ फूलप्रूफ प्लानिंग के साथ इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। लेकिन प्रिया को पता नहीं था कि शमशाद उसकी जिंदगी नरक बना देगा और उसे उसकी मासूम बेटी के साथ मौत के घाट उतारकर घर के बेडरूम में ही दबा देगा।
लव जिहाद: बेडरूम में दफन था मां-बेटी की हत्या का राज, 115 दिन बाद मिले कंकाल, खौफनाक है पूरी वारदात
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पुलिस के अनुसार गाजियाबाद निवासी प्रिया का पति राजीव निवासी खंजरपुर मोदीनगर से आठ साल पहले तलाक हो गया था। मायके वालों ने भी प्रिया से नाते तोड़ लिए थे। प्रिया को मोदीनगर निवासी उसकी सहेली चंचल ने अपने घर में रखा। दोनों सहेलियां ब्यूटी पार्लर चलाने लगीं। करीब पांच साल पहले प्रिया के पास फेसबुक पर अमित गुर्जर के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई।
इसके बाद प्रिया और कथित अमित से दोस्ती हो गई और दोनों ने शादी कर ली। दोनों खरखौदा थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में रहने लगे। इस बीच प्रिया को जब पता चला कि वह अमित नहीं बल्कि बिहार निवासी शमशाद है तो उसके पैरों तले जमीन निकल गई। उसने खरखौदा थाने पहुंचकर शमशाद के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। लेकिन पुलिस ने सौदेबाजी कर शमशाद को क्लीन चिट देकर इस मामले में समझौता करा दिया था। जिसके बाद शमशाद प्रिया को लेकर भूडबराल में रहने लगा था।
29 मार्च से हो गई गायब
प्रिया और चंचल के बीच रोजाना फोन पर बात होती थी। प्रिया चंचल को एक-एक बात बताती थी। करीब तीन माह पहले चंचल ने परतापुर थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि उसकी सहेली प्रिया को भूडबराल निवासी शमशाद उर्फ अमित गुर्जर ने लव जिहाद में फंसाकर पांच साल से अपने यहां रख रखा है। उस पर धर्म परिवर्तन करने और नमाज पढ़ने का दबाव बना रहा है। लेकिन 29 मार्च से न तो प्रिया का फोन मिल रहा है और न उसका अता पता है। इसकी जांच इंस्पेक्टर क्राइम भूपेंद्र सिंह और एसआई वीर सिंह ने शुरू की। लेकिन आरोप लगे कि दोनों ने एक लाख रुपये लेकर शमशाद को क्लीन चिट दे दी। जिसके बाद इसकी शिकायत एसएसपी अजय साहनी के पास पहुंची तो उनके निर्देश पर इस केस की जांच इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा को सौंपी। मंगलवार सुबह इंस्पेक्टर ने शमशाद को थाने बुलाकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि उसने प्रिया और उसकी बेटी की हत्या कर शव बेडरूम में दफना दिए हैं।
कस्टडी से कैसे भागा शमशाद
इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा के निर्देश पर इंस्पेक्टर क्राइम भूपेंद्र सिंह दो सिपाहियों के साथ शमशाद को उसके घर भूडबराल ले जाने लगे तो शमशाद शौच करने का बहाना लेकर भूडबराल रजवाहे के पास उतरा और पुलिस को चकमा देकर रजवाहे में कूदकर फरार हो गया। शमशाद के फरार होने की सूचना पर हिंदू संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर जमकर हंगामा किया। सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। बाद में सुबूत तलाशने के लिए पुलिस ने शमशाद के मकान को जेसीबी से खुदवा डाला। दीवारों को तोड़कर सुबूतों को खंगाला गया।