कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव खड़ौली में बुधवार देर रात कमरे का लिंटर एक परिवार पर मौत बनकर टूटा। कमरे में सो रहे परिवार के छह सदस्य मलबे के नीचे दब गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिवार को मलबे से निकाला। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
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लिंटर का मलबा, जिसके नीचे परिवार के छह सदस्य दबे।
- फोटो : अमर उजाला
शोभापुर चौकी क्षेत्र के खड़ौली गांव में सुशील अपने परिवार के साथ रहता है। सुशील की गांव में ही दर्जी की दुकान है। उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व नीलम से हुई थी। परिवार में चार बच्चे बड़ी बेटी 13 साल की गुंजन, नौ साल की परी, सात साल की अनन्या व पांच साल का प्रियांशु है। सुशील ने बताया कि बुधवार रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार एक कमरे में सो रहा था।
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पत्नी की मौत से गमजदा पति और गुमसुम बच्चे।
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देर रात लगभग दो बजे अचानक से भरभराकर कमरे का लिंटर नीचे गिर गया। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार मची तो ग्रामीणों की आंख खुल गई। ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े। कमरे का मंजर देखकर उनकी आंखें खुली रह गईं। कमरे के अंदर व बाहर अफरातफरी का माहौल था। सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। लोगों ने किसी तरह लिंटर के मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। नीलम की मौत की सूचना पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी योगेश शर्मा कहना है कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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मौके पर मौजूद ग्रामीण।
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धमाका ऐसा जैसे कोई सिलिंडर फट गया हो
ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने घरों में सो रहे थे। इसी बीच रात लगभग दो बजे देर तेज धमाके की आवाज आई। ग्रामीणों ने बताया कि एक बार तो ऐसा लगा कि कोई सिलिंडर फट गया है। इसके बाद घरों से निकलकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहीं लिंटर के नीचे दबे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।