मेरठ में बुधवार मध्याह्न 3:55 बजे का समय। कैंट बोर्ड की टीम सदर पुलिस के साथ मछेरान क्षेत्र में पहुंची। टीम को देखते ही पूरे क्षेत्र में अफवाह फैल गई कि कैंट बोर्ड आज पूरे मछेरान को साफ करने वाला है। इसके बाद जो हुआ कोई कुछ समझ नहीं पाया। लोगों के हाथ में ईंट-पत्थर थे। कैंट बोर्ड सुपरवाइजर राजकुमार से मारपीट की गई और थोड़ी देर में वहां बवाल मच गया।
कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अभियंता अनुज सिंह ने मौके पर बताया कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायतें आ रही थीं। छह बंगलों पर अवैध कब्जा कर इस क्षेत्र का नाम भी अब मछेरान और भूसा मंडी के नाम से जाना जाता है। कई बार कैंट बोर्ड अधिकारियों ने यहां कार्रवाई करने का प्लान बनाया। लेकिन वह सफल नहीं हो सका। कैंट बोर्ड भी यहां कार्रवाई करने से बचता रहता था। कैंट बोर्ड ने 26 फरवरी को एसएसपी को क्षेत्र में अवैध निर्माण अभियान चलाने के लिए पुलिस बल के लिए पत्र लिखा था।
इसके बाद छह मार्च की तारीख तय की गई। लेकिन, यहां के लोगों को यह मंजूर नहीं था। कैंट बोर्ड की टीम भूसा मंडी स्थित साउथ एंड रोड स्थित बंगला नंबर 201 पर हो रहे अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंची थी।
पार्क घेरकर बना लिया कूड़ा घर
इस बस्ती के आसपास से गुजरने पर गंदगी नजर आती है। एक तरफ स्वच्छ कैंट का दावा करने वाला कैंट बोर्ड यहां सफाई व्यवस्था रखने में भी फेल है। बस्ती से 100 मीटर की दूरी पर ही कूड़ा घर बना है। जिससे यहां जंगली जानवर, कुत्ते आदि खड़े रहते हैं।
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मेरठ बवाल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पार्क को काफी समय पहले घेर लिया गया था। साल 2014 में तत्कालीन सीईओ डीएन यादव ने भारी पुलिस बल के साथ पार्क को कब्जा मुक्त कर लिया था। लेकिन इसके बाद उनके जाते ही इसे फिर घेरकर कब्जाधारकों ने कबाड़ की दुकानें खोल लीं।