मेरठ जनपद के सरधना में एक ऐसा हादसा हुआ, जिससे पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। शादी के चंद घंटों बाद ही बेटे की लाश देखी तो पिता का कलेजा कांप उठा। इस हादसे ने जहां पूनम को दुल्हन बनने के 16 घंटे बाद ही विधवा कर दिया। वहीं परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। जिस इकलौते बेटे सनी को पिता कृष्णपाल ने अपने सामने दूल्हा बनते देखा और उसकी बरात में खुशी से झूमा, उसी बेटे की अर्थी को अब उसे कंधा देना पड़ा।
हर पिता की तमन्ना होती है कि अंतिम समय में बेटा ही उसका संस्कार करे, लेकिन यहां पिता को ही यह जिम्मेदारी निभानी पड़ी। मैनापूठी गांव में मंगलवार को यह दृश्य देखकर अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों की भी आंखें नम हो गईं। वहीं, कुछ घंटों पहले ही सनी की दूल्हन बनी पूनम पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसे रोते-बिलखते हुए मायके भिजवाया गया।
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दूल्हे का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गांव मैनापूठी निवासी सनी की शादी के 16 घंटे बाद ही सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दूल्हन पूनम को घर पर लाने के बाद वह पड़ोसी के साथ बाइक पर सरधना गया था। रास्ते में बाइक असंतुलित होने पर गंभीर घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
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दूल्हे का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हादसे से पहले सनी की बरात में पिता सहित सभी परिजन खुशी से झूम रहे थे। अब परिवार में खुशियों की जगह मातम छा गया। सनी की शादी हापुड़ के गांव गालंद निवासी पूनम से हुई थी। सनी की पत्नी पूनम, उसकी मां रूबी, बड़ी बहन शैली और छोटी बहन राखी सहित अन्य लोग बार-बार बिलखते रहे। घर पर पहुंचे रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें संभाला।
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दूल्हे का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
किसी पिता को यह दिन न दिखाए
संस्कार के दौरान कुछ ग्रामीणों ने कहा कि भगवान किसी भी पिता को ऐसा दिन न दिखाए कि उसके सामने ही बेटा दुनिया छोड़ दे। वहीं, महिलाएं कुछ ही घंटों में अपने पति का साथ खोने वाली पूनम को सांत्वना देने का प्रयास करती रहीं। मायके वालों के अनुरोध पर पूनम को उनके साथ भेज दिया गया।
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दूल्हे का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिवार में खुशियों की जगह मातम छाया
पिता कृष्णपाल ने कुछ घंटे पहले ही जिस इकलौते बेटे सनी को दूल्हे के रूप में देखा था, उसी बेटे की अर्थी को कंधा देना पड़ा। कुछ घंटे पहले सनी की बरात में पिता सहित सभी परिजन खुशी से झूम रहे थे। अब उसकी मौत से परिवार में खुशियों की जगह मातम छा गया।
किसे पता था कि सात जनमों का रिश्ता निभाने की कसम खाने वाला साथी कुछ ही घंटों के बाद दुल्हन की दुनिया से हमेशा के लिए चला जाएगा। किसे पता था कि जिस घर में शहनाई की मंगल ध्वनि गूंज रही है, वही घर चीखों से भर जाएगा। दूल्हे की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा है।