एनआईए और एटीएस की टीम शनिवार को किठौर थाना क्षेत्र के राधना गांव में की गई छापेमारी की सूचना लीक होने की चर्चा रही। पुलिस सूत्रों की मानें तो टीम जब नईम को लेकर उसके गांव पहुंची तो छापेमारी के दौरान नईम के घर पर बाहर से ताला लगा हुआ था। लेकिन घर के अंदर करीब एक दर्जन कप चाय के भरे हुए रखे थे, जिससे माना जा रहा है कि लोगों को सर्च ऑपरेशन की खबर पहले ही लग गई थी और वह फरार हो गए। आगे तस्वीरों में जानें आखिर किस तरह पुरा दिन एनआई ने राधना में चलाया सर्च ऑपरेशन:-
ISIS कनेक्शन: NIA पहुंची तो बंद मिला नईम का घर, दर्जन भर प्यालों में चाय छोड़कर भागे परिजन
एनआईए और एटीएस की शनिवार को किठौर थाना क्षेत्र के राधना गांव में की गई छानबीन का केंद्र बिंदु आरिफ और मतलूब थे। पहला इनपुट अमरोहा के सुहेल से मिला, जिसकी पुष्टि राधना गांव के हथियार सप्लायर नईम की गिरफ्तारी से हुई। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस नईम और सुहेल से जुड़े मेरठ जिले के संपर्क सूत्रों को तलाशना रहा। यही कारण है कि रिमांड पर लेने के बाद जांच एजेंसियों की टीमें दोनों को लेकर राधना पहुंचीं। माना यह भी जा रहा है कि किठौर के अलावा और भी गांवों में जांच चल रही है।
इससे पहले एनआईए व एटीएस की टीम नईम और सुहेल को लेकर पहले किठौर थाने पहुंची। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर एनआईए को राधना में दबिश व कई जगहों पर आरिफ और मतलूब की तलाश में ऑपरेशन चलाना था। इस सर्च ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सीओ किठौर, इंस्पेक्टर किठौर, इंचौली, भावनपुर व परीक्षितगढ़ समेत कई थानों का पुलिस बल किठौर थाने बुला लिया गया। एनआईए और एटीएस के साथ पुलिस बल ने राधना गांव में आरिफ व मतलूब की तलाश में उनके घरों पर दबिश दी। लेकिन दोनों ही नहीं मिले। वहीं, नईम के घर भी बंद मिला। लेकिन अंदर कपों में चाय का मिलना सूचना लीक होने की तरफ इशारा करता है।
मतलूब के घर पर मंगाए नईम के कपडे़
एनआईए के एक अधिकारी ने मतलूब के घर पर सर्च के दौरान पड़ोस के ही एक बच्चे को बुलाकर नईम के घर से उसके कपड़े व आधार कार्ड मंगवाने के लिए भेजा। लेकिन उससे पहले ही बम निरोधक दस्ते के साथ टीम बाग के लिए रवाना हो गई थी। वहां पर पूरी चेकिंग की गई। मामले में अन्य जानकारी भी जुटाई गई।
असलहों और विस्फोटक सामग्री का भी इनपुट
बाग में अवैध हथियार की खेप और विस्फोटक सामग्री छुपाकर रखने का इनपुट भी एनआईए के पास था। बताया जा रहा है कि सुहेल और नईम से रिमांड के दौरान पूछताछ में यह सामने आया था। इसी इनपुट पर वीडियोग्राफी के दौरान यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इसके लिए मेरठ के अलावा गाजियाबाद से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड भी बुलाया गया था।