यूपी के मेरठ में रहकर मुजफ्फरनगर निवासी युवती फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेलिंग की साजिश रच रही थी, लेकिन युवती ने अपने घरवालों को कुछ और ही बताया हुआ था।
फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती ने घरवालों से बोला था इतना बड़ा झूठ, बोले- हमें तो लगता था...
मेरठ में रह कर फौजियों को टारगेट बना रही थी युवती
फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती की जांच करने शनिवार को मेरठ पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची। यहां युवती के पजिनों और ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि युवती ने घरवालों को बताया हुआ था कि वह गुरुग्राम की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करती है।
ग्रामीण बोले- हमें तो लगता था...
इंस्पेक्टर नौचंदी संजय वर्मा के अनुसार युवती का गांव मुजफ्फरनगर जानसठ के पास है। पुलिस ने गांव में जाकर आरोपी युवती के बारे में जानकारी जुटाई है।
छानबीन में पता चला कि युवती गुरुग्राम में नौकरी करने की बात कहकर एक साल पहले गांव से आई थी। ग्रामीणों को भी यही जानकारी थी कि युवती एक बड़ी कंपनी में नौकरी करती है। पुलिस के अनुसार गांव वालों का कहना था कि उन्हें तो यही लगता था कि युवती किसी बड़ी कंपनी में अफसर है।
माता पिता को पुलिस से मिली मामले की जानकारी
इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि युवती के परिजन गिरफ्तारी के दौरान नौचंदी थाने में आए थे। उन्हें बेटी के बारे में सारी जानकारी पुलिस द्वारा दी गई थी।
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना कि पुलिस अभी सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आरोपी युवती से बरामद पांचों मोबाइल की सीडीआर से भी पता लगाया जा रहा कि आखिर कौन-कौन फौजी हनीट्रैप के शिकार हुए हैं।
गुपचुप जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियां
नौचंदी पुलिस ने आरोपी युवती और उसके साथी अंकुर को गिरफ्तार करके तीन दिन पहले जेल भेज दिया। फौजियों को ही क्यों निशाना बनाया जाता था, इसे लेकर देश की सुरक्षा में भी सेंधमारी भी हो सकती है।
सुरक्षा एजेंसियां गुपचुप तरीके से छानबीन करने में लगी हैं। हनीट्रैप में शिकार हुए दोनों फौजियों से भी इंटेलिजेंस जानकारी जुटा रही है कि आखिर युवती से उनकी क्या-क्या बात होती थी।