महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट पर आयोजित पांच दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
Ganga Snan 2022: मुख्य स्नान कल, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, किया दीपदान
मेले में दिखीं अव्यवस्था
मखदूमपुर गंगा मेले में रविवार को अव्यवस्थाएं दिखी। उद्घाटन के बाद किसी अधिकारी ने भी मेले की ओर रुख नहीं किया।
मेले में घाट पर लाइट की व्यवस्था नहीं है। पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं है।
मेले में लगाए गए वाच टावर से भी भैंसे बंधी हैं।
मेले में की जा रही श्रद्धालुओं की सेवा
मखदूमपुर गंगा मेले में कैंप लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। बजरंग दल व विहिप कार्यकर्ता कैंप लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं। मेले में खोए बच्चों को उनके माता-पिता तक मिलाने का कार्य किया जा रहा है।
वहीं स्वामी शिवगिरी महाराज ने विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गंगा घाट पर पडी गंदगी को साफ किया तथा लोगों से अपील की कि गंगा को प्रदूषित न करें। वहीं महाराज ने बताया कि सुबह चार बजे पूरे मेले की लाइट बंद कर दी गई।
छात्र-छात्राओं ने शुरू किया निर्मल गंगा अभियान
उत्तम पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रविवार को निर्मल गंगा अभियान शुरू किया। प्रधानाचार्या एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि प्रांत सह संयोजक ममता चौधरी ने मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि गंगा स्नान पर हम सभी को गंगा को दूषित नहीं करना है।
हमें अपने घर से हवन की राख, खंडित मूर्तियां, पूजा की सामग्री एवं सूखे हुए फूलों को गंगा में प्रवाहित नहीं करना चाहिए। गंगा के घाट पर हमें किसी भी तरह का शैंपू, साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
हस्तिनापुर क्षेत्र में भीमकुंड गंगा घाट पर कुछ लोगों ने पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अवैध रूप से कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले का आयोजन करा दिया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मेला रुकवाने की बात कही। जिसके बाद मेला आयोजक और किसान यूनियन के लोगों की तीखी बहस हुई।