मेरठ जनपद के मवाना में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हादसे में घायल हुए वीरेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके बेटे कन्हैया (12) की हादसे के बाद मौके पर ही मौत हो गई थी।
वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर परिजनों व ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने सीएम राहत कोष से 10 लाख रुपये और अपने पास से तीन लाख की मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
गांव भैंसा निवासी वीरेंद्र अपने 12 वर्षीय पुत्र कन्हैया के साथ सोमवार शाम को बाइक से ससुराल जा रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर निलौहा जाने वाले रास्ते पर दांदूपुर निवासी युवक ने कार से बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में कन्हैया की मौके पर ही मौत हो गई थी। वीरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोगों ने कार चालक को पुलिस के सुपुर्द किया था। इलाज के दौरान वीरेंद्र की भी मौत हो गई
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब तीन बजे शवों को लेकर आ रहे परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग करते हुए मवाना खुर्द पुलिस चौकी से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। उस दौरान ग्राम प्रधान पति विलियम चौधरी और थाना प्रभारी ने लोगों को शांत कराकर जाम खुलवा दिया। काफी देर तक जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया तो गुस्साए परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
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मौके पर पहुंचे मंत्री दिनेश खटीक।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं कुछ देर बाद राज्यमंत्री दिनेश खटीक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सीएम राहत कोष से 10 लाख रुपये और अपने पास से तीन लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। ग्राम प्रधान पति ने भी 51 हजार रुपये मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
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पीड़ित परिजनों से बातचीत करते मंत्री दिनेश खटीक।
- फोटो : अमर उजाला
राज्यमंत्री ने कहा कि इस गांव में इस प्रकार की दूसरी घटना है। वे पीड़ित परिवार के साथ हैं। परिवारों की अधिक से अधिक मदद कराई जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मुकदमा लड़ने में वह परिवार की पूरी मदद करेंगे।