बिजनौर में पहाड़ों पर हो रही बारिश से मैदानी क्षेत्र में गंगा का कहर जारी है। बालावाली में यूपी-उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी चलने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है।
किसानों के खेत काटते हुए गंगा गांवों की ओर बढ़ रही है। प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई न किए जाने पर गांव वाले खुद ही बोरी में मिट्टी भरकर अपने खेतों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
गांव ब्रह्मपुरी में दूसरे दिन भी गंगा का पानी भरा रहा। गांव वाले बाढ़ के आतंक के साये में जी रहे हैं। कई गांवों को जोड़ने वाले मालन नदी के रपटे पर अब भी तीन से चार फीट पानी चल रहा है। किसी हादसे की आशंका के चलते अब गांव वाले रपटे से भी पुल पार नहीं कर रहे हैं और गांव में रहने में ही भलाई समझ रहे हैं।
बालावाली में शनिवार दोपहर तक गंगा का पानी मंदिर सामने रपटे पर आ गया। यह रपटा यूपी-उत्तराखंड को जोड़ता है। रपटे पर पानी आने से यहां से गुजरने वाला यातायात अवरुद्ध हो गया है।
बिजनौर-नजीबाबाद रोड पर भी मालन नदी के रपटे पर एक फीट तक पानी आ गया है। पानी आने से प्रशासन सतर्क हो गया है। फिलहाल रपटे पर से यातायात चल रहा है। गंगा का पानी गांव राजारामपुर व डैबलगढ़ तक पहुंच गया है। गांव वालों के भूसे व उपलों के बूंगे गंगा का पानी भरने से बर्बाद हो रहे हैं। गंगा का जलस्तर थोड़ा और बढ़ने पर पानी इन गांवों में घूस जाएगा।