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नकली करेंसी का हब बन रहा मेरठ, शातिर सुनील ने खोले कई बड़े राज, इन लोगों को निशाना बनाता था गिरोह

Tue, 03 Nov 2020 11:37 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 03 Nov 2020 11:37 AM IST
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Fake currency and fake drugs was caught in Meerut and accused Sunil made many revelations
आरोपी सुनील ने कई खुलासे किए हैं - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में टीपी नगर पुलिस द्वारा वेदव्यास पुरी के पास से एक लाख 97 हजार 200 रुपये की नकली करेंसी के साथ पकड़े गए बुलंदशहर निवासी सुनील ने कई और खुलासे किए हैं। सोमवार को सुनील जेल भेज दिया गया।



पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने आया है कि खरखौदा में जून में नकली करेंसी के साथ जो गिरोह पकड़ा गया था, उस गिरोह के सरगना प्रशांत के जेल जाने के बाद सुनील अपने दो अन्य साथियों के साथ नोएडा और बुलंदशहर में नकली करेंसी छापने लगा था। नकली करेंसी को बाजार में छोटी दुकानों, मजदूरों व दुकानदारों में चलाने के लिए अपने पास असली नोट भी रखते थे। दिखाने के लिए ज्यादातर असली नोटों का लेन-देन करते थे। उसके बाद इतने ही नकली नोटों की गड्डी थमा देते थे। गड्डी में ऊपर और नीचे ही असली नोट होते थे।

Fake currency and fake drugs was caught in Meerut and accused Sunil made many revelations
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि ककोड़ निवासी एक हिस्ट्रीशीटर भी सुनील संपर्क में रहा है। पुलिस की एक टीम बुलंदशहर में जांच-पड़ताल कर रही है। वहीं फरार दूसरा साथी भी मेरठ का है। मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया है। 

एसओ टीपीनगर विजय गुप्ता का कहना है कि सुनील के मोबाइल में कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यह गिरोह मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर तक फैला हुआ है। इसके तीन साथी पूर्व में खरखौदा से गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजे थे।

Fake currency and fake drugs was caught in Meerut and accused Sunil made many revelations
करेंसी बरामद - फोटो : अमर उजाला

1,97,200 की नकली नोट बरामद किए थे
रविवार को वेदव्यासपुरी से सुनील कुमार पुत्र दशरथ निवासी आजमपुर हुसैनपुर थाना ककोड़ जिला बुलंदशहर, हाल पता चौहानपुर थाना ईकोटेक तृतीय जिला गौतमबुद्ध नगर को गिरफ्तार किया गया। इसके कब्जे से 1,97,200 की नकली नोट बरामद किए थे। 27,900 के अर्द्धनिर्मित जाली नोट व 50, 000 के नोट बरामद किए हैं। सुनील की निशानदेही पर उसके गांव चौहानपुर थाना ईकोटेक तृतीय गौतमबुद्ध नगर से जाली नोट छापने का प्रिंटर, ए4 साइज पेपर बरामद किया है, जबकि श्रीकांत उर्फ काली चरन निवासी मेरठ फरार हो गया। 

शहर के कारोबारियों ने लगाईं सेंसर युक्त नोट काउंटिंग मशीन
व्यापारियों के अनुसार शहर में इस समय 500 के नकली नोट काफी चलन में आ गए हैं। इन्हें रोकने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अल्ट्रावाइलेट रेज मशीन और सेंसर युक्त नोट काउंटिंग मशीन लगाई हैं। 

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Fake currency and fake drugs was caught in Meerut and accused Sunil made many revelations
नकली करेंसी के साथ आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

रघुनंदन प्रसाद सराफ के डायरेक्टर रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि रविवार को उन्हें एक व्यापारी ने दो लाख की पेमेंट की थी, जिसमें 500 का एक नकली नोट में पकड़ में आया। नोट में वजन का अंतर था। बुलियन ट्रेडर एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया सराफा बाजार में 80 प्रतिशत व्यापारियों के मशीन लगी हुई हैं। ऑटोमोबाइल में महिंद्रा और किया के अधिकृत डीलर सिद्धार्थ जैन समेत सभी व्यापारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से सेंसर युक्त नोट काउंटिंग मशीन लगाई हुई हैं। 

पीएनबी की चीफ मैनेजर मानिक बैनर्जी और एसबीआई के चीफ मैनेजर हरीश वाधवा ने बताया कि गलत नोट ग्राहक को वापस नहीं किया जाता है। नकली नोट देने वाले ग्राहक का नाम-पता नोट कर लिया जाता है। त्योहारी सीजन में सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

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पकड़ी गई थी नकली दवाएं - फोटो : अमर उजाला

चार माह में मेरठ और रुड़की में पकड़ी गईं पौने दो करोड़ की नकली दवाएं  
पिछले चार माह में मेरठ और रुड़की में करीब पौने दो करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी जा चुकी हैं। जुलाई में मेरठ में 25 लाख रुपये की नकली दवाई पकड़ी गई थी। तीन लोग गिरफ्तार भी किए गए थे। यहां से मिले इनपुट के आधार पर अगस्त माह में रुड़की से डेढ़ करोड़ की नकली दवाएं पकड़ी थीं। पकड़ा गया आरोपी प्रवीण त्यागी भी मेरठ के सरधना का निवासी था।

रुड़की की इस फैक्टरी में 200 नामी कंपनियों की नकली दवाएं बनाई जा रही थीं, जो पश्चिमी यूपी में सप्लाई होती थीं, लेकिन इसके लिए कच्चा माल कहां से आ रहा था, दवा बेचने में कौन-कौन लोग शामिल थे। यह तीन माह बाद भी नहीं पता चल सका है।

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