मेरठ में एसएसपी ऑफिस पर सल्फास खाने वाले देवेंद्र सैनी ने एक लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। उसने एसपी ट्रैफिक को बताया कि ढाई लाख रुपये अब तक लौटा चुका है। फिर भी न तो मूल धन खत्म हुआ और न ही ब्याज। कोरोना के चलते आर्थिक तंगी बढ़ गई है। इसके चलते अब रुपये नहीं दे पाने पर सूदखोर मां, बहन और बेटियों को गाली देता है।
खौफनाक: सूदखोर की हरकतों से तंग आकर देवेंद्र ने गंवाई जान, बेसहारा हुए बच्चे, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, तस्वीरें
आधे घंटे में दो बार आया
देवेंद्र एसएसपी ऑफिस में मंगलवार दोपहर आधे घंटे के अंतराल में दो बार आया। एसएसपी ऑफिस में अंदर अधिकारियों के पास जाने से पहले पांच मिनट तक परिसर में ही घूमता रहा। सीसीटीवी कैमरे में घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि परिसर में पेड़ के नीचे सल्फास खाते हुए नहीं दिखा है। देवेंद्र की मौत होने के बाद एसएसपी ने तुरंत इस फुटेज को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। बुधवार सुबह दोबारा से बारीकी से फुटेज देखने के निर्देश दिए।
देवेंद्र के साथ कौन आया था
पुलिस का दावा है कि देवेंद्र के साथ एसएसपी ऑफिस में कोई दूसरा युवक भी था। देवेंद्र को किसने सलाह दी कि वह एसएसपी ऑफिस में सल्फास खाए और फिर अधिकारी से मिले, इसकी जांच भी कराई जा रही है। देवेंद्र ने इससे पहले एसएसपी ऑफिस पर कभी कोई शिकायती पत्र भी नहीं दिया था। एसएसपी ने इसकी जांच के लिए सिविल लाइन पुलिस को लगा दिया है। 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।
भाई से फोन करके की थी बात
पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र ने अपने भाई गंगाशरण को फोन करके कहा था कि वह कचहरी में शिकायती पत्र लिखवा रहा है। आज वह अधिकारी से मिलेगा। रिंकू व उसके भाई पिंटू की शिकायत करेगा। अब वह उनके उत्पीड़न से बहुत परेशान हो गया है। जिस पर गंगाशरण ने कहा कि घर आ जाओ। यहां बैठकर बात करेंगे। इसके बाद देवेंद्र ने फोन काट दिया। पौने दो बजे पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी कि देवेंद्र मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। यह सुनते ही परिवार के लोग सन्न रह गए। मौत के बाद उसकी पत्नी राजवती, बेटे प्रियांशु, दिव्यांशु और बेटी मनीषा, साक्षी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोग कह रहे थे कि देवेंद्र तूने ये क्या कर दिया।
जान से मारने की मिल रही थी धमकी
पोस्टमार्टम हाउस पर देवेंद्र के भाई गंगाशरण ने बताया कि रिंकू और उसका भाई पिंटू बार-बार मकान खाली करने की धमकी देते थे। नहीं खाली करने पर परिवार को खत्म करने की धमकी देते थे। कहते थे कि तुम्हारे मकान का एग्रीमेंट हो गया था, जिसके आधार पर बैनामा हो गया है। इसी को लेकर देवेंद्र तनाव में था। तीन दिन पहले आरोपियों ने धमकी देते हुए परिवार की महिलाओं के साथ गाली-गलौज भी की थी।