कुख्यात अपराधी विनय त्यागी हत्याकांड की गुत्थी 750 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम में उलझती नजर आ रही है। पुलिस के अनुसार ठेकेदार सुभाष त्यागी और डॉ. प्रमोद त्यागी से जुड़े लेनदेन इस पूरे मामले की अहम माने जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि करोड़ों रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद के चलते साजिश की परतें और गहरी हो गई हैं। जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ में जुटी हैं।
बता दें कि ईडी से बचने के लिए यह रकम ठेकेदार सुभाष त्यागी ने डॉ. प्रमोद त्यागी के पास रखी थी। यह बात विनय त्यागी की बहन ने मीडिया से बताई थी। चर्चा है कि रकम के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे।
2 of 20
गैंगस्टर विनय त्यागी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बचपन में गुंडागर्दी की, फिर सुपारी किलर बन गया
पश्चिमी यूपी के जरायम की दुनिया के एक खौफनाक अध्याय का शनिवार को अंत हो गया। बचपन में गुंडागर्दी और फिर सुपारी लेकर हत्या करने वाले गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू त्यागी की इलाज के दौरान मौत हो गई। ऋषिकेश एम्स में भर्ती विनय त्यागी ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।
3 of 20
गैंगस्टर विनय त्यागी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विनय त्यागी पर 59 संगीन अपराध के मामले दर्ज थे। उसकी मौत के साथ ही पश्चिम यूपी और उत्तराखंड के कई जिलों में वर्षों से फैला अपराध का एक बड़ा नेटवर्क खत्म हो गया। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव निवासी विनय त्यागी के पिता सेवाराम त्यागी मेरठ स्थित एलएलआरएम (सरदार वल्लभभाई पटेल) मेडिकल कॉलेज में प्रमुख अधीक्षक कार्यालय में बाबू के पद पर तैनात रहे।
4 of 20
पुलिस हिरासत में गैंगस्टर विनय त्यागी पर हमला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी वजह से विनय का बचपन मेडिकल कॉलेज परिसर में बीता। लगभग 40 वर्ष पहले पिता ने उसका दाखिला कैंट क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में कराया लेकिन यहीं से उसकी जिंदगी की दिशा बदल गई। इस दौरान ही उसका पहली बार झगड़ा हुआ था। इसके बाद गलत संगत में पड़कर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।
5 of 20
पुलिस हिरासत में गैंगस्टर विनय त्यागी पर हमला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिलहाल विनय त्यागी अपने परिवार के साथ मेरठ में जागृति विहार में रहता था। चार बहनों के इकलौते भाई विनय त्यागी को माता-पिता ने बेहद लाड़-प्यार से पाला था। बड़ा होने के बाद विनय के लिए धमकाना, रंगदारी और सुपारी लेकर हत्या करना सामान्य सी बात हो गई थी।