उत्तर प्रदेश के क्राइम रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के अलावा भी कई बड़े नाम हैं। कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे के साथ- साथ पुलिस ने एक और कुख्यात की तलाश शुरू कर दी है। यह कुख्यात पिछले 15 माह से फरार चल रहा है। पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस ने उस पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया हुआ है। आइए आज आपको पश्चिमी यूपी के ऐसे पांच बड़े कुख्यातों के बारे में बताते हैं, जिनके नाम से लोगों में रहती हैं दहशत-
इन पांच कुख्यातों के नाम से पश्चिमी यूपी में दहशत, हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तरह ये भी हैं फरार
कौन है कुख्यात बदन सिंह बद्दो
बेरापुर टीपी नगर मेरठ निवासी बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर यूपी के मेरठ में रहने आ गए थे। बद्दो के पिता ने परिवार का जीवनयापन के लिए ट्रक ड्राइवर का काम शुरू किया था। फिर धीरे-धीरे वह खुद एक ट्रांसपोर्टर बन गए थे। वहीं सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा। इसी दौरान उसके संबंध इलाके के बदमाशों से हो गए। इसके बाद उसने शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया। बताया जाता है कि उसने 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
ये की वारदात
कुख्यात बदन सिंब बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इसके बाद साल 2011 में उसने मेरठ जिला पंचायत के सदस्य संजय गुर्जर का कत्ल कर दिया। वहीं साल 2012 में उसने एक केबल नेटवर्क के संचालक पवित्र मैत्रे को भी मौत के घाट उतार दिया। कुख्यात बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के मामले दर्ज हैं। यूपी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया तो दिल्ली पुलिस ने भी 50 हजार का इनाम रख दिया। बदन बद्दो के खिलाफ अब ढाई लाख का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
21 साल बाद हुई थी बद्दो को सजा
मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को जमानत मिल गई थी। केस के विचारण के दौरान किशन की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने 2015 में केस मेरठ से गौतमबुद्ध नगर अदालत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। इसके बाद बद्दो को सजा सुनाई गई। कुछ माह बद्दो को नोएडा से फर्रुखाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
ऐसा है बद्दो का रहन सहन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो का रहन सहन देखकर कोई भी उसके शौक का अंदाजा आसानी से लगा सकता है। उसकी शानो-शौकत भरी जिंदगी देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वो एक अपराधी है। महंगी विदेशी बंदूकें, विदेशी नस्ल के कुत्ते, बुलेटप्रूफ कारों का जत्था, सीसीटीवी समेत आधुनिक सुरक्षा तंत्र, किसी महल जैसा आलीशान घर, लुई विटॉन जैसे महंगे ब्रांड के जूते और कपड़े पहनना बदन सिंह बद्दो को अन्य अपराधियों से अलग बनाता है। उसका लाइफ स्टाइल देखकर आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि वो एक शातिर अपराधी है।