मौलाना कलीम सिद्दीकी की धर्मांतरण प्रकरण में गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद से फुलत गांव के ग्रामीण सकते हैं। मदरसा प्रबंधन ने भी खामोशी अख्तियार कर ली है। एलआईयू ने मामले की पड़ताल के लिए फुलत में डेरा डाल दिया है।
खौफनाक खुलासा: देश में जितना बड़ा नाम, उससे बड़े काले कारनामे, मौलाना की सच्चाई ने हर किसी को चौंकाया, तस्वीरें
मदरसे में ही है मस्जिद और मेहमानखाना, लगातार होते रहे हैं आयोजन
गांव फुलत निवासी मोहम्मद अमीन के चार बेटों में तीसरे नंबर के मौलाना कलीम सिद्दीकी वर्ष 1987 में गांव स्थित पुराने ऐतिहासिक मदरसे फैजुल इस्लाम से जुड़े थे। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने इस मदरसे के पास ही अपना मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया शुरू किया। प्रदेश के अलावा कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार व झारखंड से भी सैंकड़ों छात्र पढ़ने आते हैं। यहां होने वाले आयोजनों और मेहमानों के खाने का इंतजाम मौलाना सलमान और शैक्षिक प्रबंधन मौलाना वसी करते हैं। प्रशासनिक मामलों के लिए मोहतमिम मोहम्मद ताहिर नियुक्त किए गए हैं। मदरसे में कक्षा-एक से कक्षा-आठ तक सरकारी कोर्स के हिसाब से पढ़ाई कराई जाती है। इसके बाद मौलवियत और कुराने-हिफ्ज की भी पढ़ाई होती है।
वर्ष 2006 में चले गए थे दिल्ली के शाहीन बाग
मौलाना कलीम सिद्दीकी के परिवार में पत्नी मुनीरा बेगम के साथ ही दो बेटे अहमद सिद्दीकी व असजद सिद्दीकी और दो बेटियां असमां व मसमां शामिल हैं। बड़ा बेटा अहमद सिद्दीकी गांव फुलत में ही रहकर पशुओं की दूध डेयरी चलाता है, जबकि वर्ष 2006 में परिवार दिल्ली के शाहीन बाग चला गया था और तभी से सभी लोग वहीं रहते हैं। मौलाना कलीम सिद्दीकी व छोटा बेटा असजद सिद्दीकी मदरसे की देख-रेख के लिए फुलत आते-जाते रहते हैं।
अली हसन बने नितिन को भी भेजा गया था फुलत
जुलाई माह में नैनीताल (उत्तराखंड) निवासी नितिन पंत ने सहारनपुर में बालाजी घाट पर शरण ली थी और धर्मांतरण के तार फुलत के मदरसे से जुड़े होने की बात कही थी। तब नितिन पंत ने बताया कि था कि वर्ष 2010 में वह नौकरी की तलाश में राजस्थान के भिवाड़ी गया था। वहां दूसरे वर्ग के कुछ लोग उसे मेवात ले गए, जहां धमकी देकर उसका धर्मांतरण करा दिया। उसकी शादी कराने की बात कही थी, साथ ही हिंदू समाज की लड़कियों का भी धर्म परिवर्तन करवाने का दबाव बनाया था, उसने यह भी खुलासा किया था कि उसको मुजफ्फरनगर के फुलत भी ले जाया गया था, जहां उसे इस्लामी तौर तरीके सिखाए गए थे। इसके बाद सहारनपुर में कोटा गांव के निकट मदरसे में रखा गया, जहां से किसी प्रकार से निकल आया था। मामले में निपुण भारद्वाज और बालाजी घाट के संचालक अतुल तुली ने नितिन पंत का शुद्धिकरण कराकर उसे हिंदू धर्म में वापसी कराई जाएगी।
युवती के धर्मांतरण और बंधक बनाने की भी हुई थी जांच
मौलाना कलीम सिद्दीकी का मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया सात वर्ष पहले भी सुर्खियो में आया था। तब भी मामला धर्मांतरण था। मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस ने मदरसे में सर्च अभियान चलाया था। बाद में युवती के अचानक घर पहुंचने पर परिजनों ने किसी प्रकार की कोई कार्रवाई से इनकार कर दिया था।