उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक बाबा का राज खुला तो अधिकारी भी हैरान रह गए। सूचना मिलने पर जांच के लिए बाबा के आश्रम पर टीम पहुंची थी। वहीं बच्चों ने रोते- बिलखते हुए आपबीती सुनाई। इस दौरान बच्चों की दास्तान सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। आगे जानिए पूरा अपडेट-
2 of 7
गौड़ीय मठ आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मुजफ्फरनगर जनपद के शुकतीर्थ में भक्ति भूषण गोविंद महाराज ने 2009 में मठ बनाया था। फिर 2019 में मठ में स्कूल खोला था। इसके बाद उसने मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ लोगों से संपर्क किया, उनके माध्यम से यह कहकर बच्चों को बुलाया गया कि उन्हें नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी और भोजन आदि का खर्च भी आश्रम ही उठाएगा। गरीब परिवारों के मां-बाप ने यह सोचकर भेज दिया कि आश्रम में उनका बच्चा पढ़-लिखकर आ जाएगा और उसका भविष्य संवर जाएगा।
3 of 7
गौड़ीय मठ आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
हैरान करने वाली बात यह है कि किसी को मालूम नहीं था कि जिस आश्रम में बच्चे जा रहे हैं वहां शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तो शुकतीर्थ के गोड़िया मठ का संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज शिक्षा के लिए मठ में आए बच्चों के भविष्य से खेलता था। शिक्षा के नाम पर इन मासूम बच्चों को अश्लील वीडियो और शराब परोसी जाती थी। बच्चों के साथ भक्ति भूषण अनैतिक कृत्य करता था। मिजोरम, त्रिपुरा के दूर के बच्चे होने के कारण उनके उत्पीड़न की आवाज भी दबी रही।
4 of 7
गौड़ीय मठ आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कमलेश वर्मा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी को बच्चों ने बताया कि आश्रम के सभी काम उनसे कराए जाते थे। बच्चों का आरोप है कि महाराज रोज शाम को शराब पीते थे और बच्चों को भी जबरन पीने के लिए कहते थे। प्रतिदिन अलग-अलग बच्चे को कमरे में बुलाता था शराब पिलाने के बाद अश्लील वीडियो दिखाता था और फिर उनके साथ अनैतिक कार्य करता था।
5 of 7
भक्ति भूषण गोविंद महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों से पैर दबवाता था, जिस बच्चे को पैर दबवाने के लिए बुलाता था उसी के साथ गलत काम करता था। जो बच्चा बात नहीं मानता था उसे रोटी नहीं देता था और भूखा रखता था। उसकी बेरहमी से पिटाई भी करता था। गायों का गोबर उठाने, बर्तन साफ करने, भोजन बनाने से लेकर सभी काम उन्हीं से कराए जाते थे।