अगस्त 2018 में गौरव की हत्या हुई थी। गौरव के परिजनों को संदेह था कि हत्या की साजिश में नीटू भी शामिल था। नीटू शनिवार को बड़ौत से गांव पहुंचा तो गौरव की मां ने उसे रोक लिया और पीछे से बेटी खुशबू ने गोली मार दी। इसके बाद एक और गोली उसे मारी गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेहद खौफनाक है मर्डर की ये कहानी...! अगली स्लाइडों में पढ़िए:-
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मौके पर जांच करती पुलिस और नीचे मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बागपत जनपद के बिनौली में सतपाल उर्फ नीटू की हत्या के बाद धनौरा सिल्वरनगर गांव की गलियों में सन्नाटा था और ग्रामीणों में दहशत थी। करीब एक घंटे तक नीटू का शव घर के बाहर नाली में पड़ा रहा, लेकिन ग्रामीणों की हिम्मत घर से बाहर निकलने की नहीं हुई। पुलिस के आने के बाद लोग घरों से बाहर निकले।
धनौरा सिल्वरनगर में सतपाल उर्फ नीटू की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा है। मृतक की पत्नी गुड्डी, बेटे हनी, सन्नी, बहन कमला, सुदेश, अनीता, मुनेश, नीलम व भाई कुलदीप का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
धनौरा सिल्वरनगर में वर्ष 2017 में अंकित पुत्र आनंद राणा का शव खेत में पेड़ पर लटका मिला था। 23 अगस्त 2018 को गौरव पुत्र आनंद राणा की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। दो सगे भाई अंकित व गौरव की हत्या की साजिश रचने का शक शनिवार को मारे गए सतपाल उर्फ नीटू पर था। इसी रंजिश के चलते नीटू गांव छोड़कर बड़ौत में रहने लगा था।
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घटना की जानकारी लेते अधिकारी
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पुलिस का कहना है कि शनिवार को वह गांव आया तो पहले आनंद राणा की पत्नी और बेटी से नीटू की कहासुनी हुई। दोनों ने उस पर गौरव व अंकित की हत्या की साजिश रचने और आरोपी को अपने घर में रखने का आरोप लगाया। लेकिन नीटू मना करता रहा। इस बीच उसे गोली मार दी गई। ग्रामीणों के बीच दहशत है और कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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एएसपी रणविजय सिंह
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एएसपी रणविजय सिंह का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। मृतक नीटू के छोटे भाई कुलदीप राणा ने अपने चचेरे भाई आनंद राणा पुत्र बनवारी, उसकी पत्नी मोहन देवी, बेटी खुशबू, भतीजे देवकरण पुत्र अशोक राणा और सीमा पत्नी अशोक राणा को नामजद कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मोहन देवी और सीमा आपस में देवरानी - जेठानी हैं।