सीजेएम कोर्ट में हर रोज की तरह मंगलवार को भी सामान्य रूप से कामकाज चल रहा था। किसी को कोई अंदाजा नहीं था कि यहां खून खराबा होने वाला है। इसी दौरान बसपा नेता व प्रोपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या के मामले में आरोपी कुख्यात शाहनवाज व उसका साथी जब्बार पेशी पर आए थे। वहीं मौका पाते ही तीन शूटरों ने जज के सामने ही शाहनवाज की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। ऐसे में कोर्ट के अंदर का खौफनाक मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई। वहीं सामने मौत देख कोर्ट में भगदड़ मच गई और जज सहित हर किसी ने भागकर अपनी जान बचाई। आगे देखिए घटनास्थल की तस्वीरें-
ऐसे की थी बसपा नेता की हत्या
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घटना के बाद जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में पता चला था कि बसपा नेता हाजी अहसान व उसके भांजे की हत्या नजीबाबाद थाने के गांव कनकपुर निवासी कुख्यात बदमाश शाहनवाज ने अपने गांव के ही दानिश, गांव खाईखेड़ी निवासी जब्बार से कराई है। गांव उब्बनवाला निवासी दानिश हत्या कराने के लिए जब्बार व दूसरे दानिश को बाइक से लेकर आया था। पुलिस ने उब्बनवाला के दानिश को दबोचकर इस हत्याकांड का खुलासा किया था। हाजी अहसान की हत्या नजीबाबाद की किसी बड़ी प्रॉपर्टी के विवाद से जोड़कर देखी जा रही थी।
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घटना के बाद मौके पर जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद गांव कनकपुर का दानिश भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। शाहनवाज ने जब्बार के साथ पिछले दिनों दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर किया था। दोनों तिहाड़ जेल में बंद थे। मंगलवार को अहसान व शादाब हत्याकांड में शाहनवाज व जब्बार को दिल्ली पुलिस न्यायिक हिरासत में बिजनौर सीजेएम कोर्ट में पेशी पर लाई थी।
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घटना के बाद मची भगदड़
- फोटो : अमर उजाला
सीजेएम कोर्ट में दिन में करीब एक बजकर 40 मिनट पर दोनों एक साइड में कोर्ट की दीवार से सटे खड़े थे। सामने अन्य लोगों के साथ हाजी अहसान की दूसरी पत्नी शीलकुंज कॉलोनी बिजनौर में रहने वाली रिजवाना का बेटा साहिल, किरतपुर के मोहल्ला राघड़ान निवासी अफराज पुत्र अकरम, शामली जिले के लोनीखेड़ा निवासी जयपाल का पुत्र सुमित भी मौजूद थे।
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घटना के बाद जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों ने पिस्टल से शाहनवाज व जब्बार पर सीजेएम कोर्ट में ही ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इससे कोर्ट में भगदड़ मच गई। वहां मौजूद अधिवक्ता व अन्य लोग भाग खड़े हुए। प्रत्यक्षदिर्शियों के मुताबिक, सीजेएम योगेश कुमार ने मेज के पीछे छिपकर जान बचाई। इसके बाद वे अपने चैंबर में चले गए।