मेरठ में आशीष गुर्जर हत्याकांड को फूलप्रूफ प्लानिंग और सटीक रेकी के बाद अंजाम दिया गया था। इस मामले में कई जानकारियां सामने आई हैं। इस हत्याकांड के चश्मदीद आशीष के दोस्त प्रिंस ने घटनास्थल की कहानी पुलिस और मीडिया को बताई।
वहीं, आशीष का दूसरे समुदाय का एक नया दोस्त शक के घेरे में आया है, जो घटना के बाद से गायब है। वहीं, आशीष के परिजनों ने सभी दोस्तों के मोबाइल की सीडीआर की जांच कराने की मांग की है।
चश्मदीद प्रिंस निवासी शोभापुर ने बताया कि शनिवार को आशीष को गोपी पारिया हत्याकांड में तारीख पर जाना था। लेकिन शनिवार को ही गोपी हत्याकांड में नामजद उसके दोस्त कपिल चपराणा का बर्थडे था। जिसके चलते दोस्त का बर्थडे मनाने के लिए आशीष अपने दोस्तों प्रिंस, दीपक उर्फ टटिया व अंशुल के साथ अपने खेत पर चला गया था। वहां पर सभी दोस्तों ने बर्थडे मनाने के लिए कोल्डड्रिंक व खाने पीने का सामान मंगाया था।
प्रिंस के अनुसार किसी बात पर आशीष उदास होकर उनसे कुछ दूरी पर खेत की मुंडेर पर जा बैठा था। इस बीच दो पल्सर और एक स्पेलेंडर बाइक पर हथियारों से लैस आठ लोग खेत पर पहुंचे। बाइक से उतरते ही सभी ने आशीष को घेर लिया था।
प्रिंस ने बताया कि पहली गोली रवि ने आशीष के पेट में तो दूसरी गोली मोहित ने पैर में मारी थी। प्रिंस का दावा है कि गोलियां चलते ही दीपक व अंशुल मौके से भाग गए थे, जबकि वह हमलावरों से भिड़ गया था। लेकिन हमलावरों ने जब आशीष पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं तो वह भी मौके से भाग गया था।