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14 साल पहले हुई थी ये बड़ी चूक, उठे थे कई सवाल, फिर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को ऐसे मिल गई थी जमानत

Sat, 04 Jul 2020 05:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 04 Jul 2020 05:10 PM IST
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Kanpur Encounter: Historysheeter Vikas Dubey was granted bail after arrested 14 years ago in Saharanpur
विकास दुबे - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे 14 साल पहले सहारनपुर में गिरफ्तार हुआ था। पुलिस ने तब उसके पास से मादक पदार्थ बरामद करते हुए उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था लेकिन हुई थी ये बड़ी चूक और फिर उठे थे कई सवाल, आगे जानिए पूरा अपडेट...

Kanpur Encounter: Historysheeter Vikas Dubey was granted bail after arrested 14 years ago in Saharanpur
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला

यह बात वर्ष 2006 की है। जनकपुरी थाना पुलिस ने एसबीडी जिला अस्पताल के चौराहे के पास से 25 जून 2006 को विकास दुबे को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पांच किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ था। उस समय अमिताभ यश सहारनपुर एसएसपी थे, जो अब एसटीएफ में हैं। जनकपुरी थाने पर विकास दुबे से एसएसपी ने पूछताछ की थी। तब उसकी लंबी आपराधिक लिस्ट सामने आई थी। उस समय भी विकास पर करीब 50 मुकदमे दर्ज थे।

Kanpur Encounter: Historysheeter Vikas Dubey was granted bail after arrested 14 years ago in Saharanpur
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : अमर उजासा

यह भी पता चला कि विकास दुबे ने गिरफ्तारी से पहले देवबंद क्षेत्र में अपने एक परिचित के यहां शरण ली थी। उस मामले में अधिवक्ता नीरज तिवारी ने विकास दुबे की जमानत के लिए पैरवी की थी। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के उपरांत अगस्त 2006 में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। अधिवक्ता नीरज तिवारी ने बताया कि विकास दुबे की जमानत हमने कराई थी, लेकिन उसके बाद मुकदमे में क्या हुआ, उन्हें पता नहीं है।

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Kanpur Encounter: Historysheeter Vikas Dubey was granted bail after arrested 14 years ago in Saharanpur
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला

एंबुलेंस से कोर्ट ले जाने पर उठे थे सवाल 
विकास दुबे को पुलिस ने जब गिरफ्तार किया था तो उसकी रीढ़ में दिक्कत बताई गई थी। उसे एंबुलेंस से कोर्ट ले जाया गया था। तब उसकी गिरफ्तारी पर सवाल भी उठे थे। क्योंकि जो शातिर हिस्ट्रीशीटर ठीक से चल भी नहीं पा रहा था, उससे पांच किलो डोडा पोस्त बरामद दिखाया था। पुलिस की इसी गलती का फायदा आरोपी विकास दुबे ने उठाया और उसे जमानत मिल गई थी।

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Kanpur Encounter: Historysheeter Vikas Dubey was granted bail after arrested 14 years ago in Saharanpur
देवबंद - फोटो : अमर उजाला

देवबंद में रहकर मुजफ्फरनगर में कराया था इलाज
विकास दुबे को 2006 में जब सहारनपुर के जनकपुरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब वह पांच हजार का इनामी था और देवबंद में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहकर मुजफ्फरनगर के चिकित्सक से इलाज करा रहा था।  कानपुर के चौबपुर क्षेत्र स्थित गांव बिकरू निवासी विकास दुबे उस समय जिला पंचायत सदस्य था। राजनाथ सरकार में मंत्री रहे संतोष शुक्ला की हत्या के मामले में नाम आने पर विकास दुबे पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। हालांकि उस मामले में वह अदालत से बरी हो गया था, जब उसको सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया, उससे चार महीना पूर्व महाबालेश्वर जाते समय कार की स्टेयरिंग फेल होने पर दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

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