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चर्चित मर्डर केस: जेल में डॉन की हत्या से मच गया था हड़कंप, साल भर उठते रहे पुलिस पर सवाल

Thu, 27 Dec 2018 06:30 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Thu, 27 Dec 2018 06:30 PM IST
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Baghpat Munna bajrangi murder case, action was not completed and questions were raised on police
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

नौ जुलाई को बागपत जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई। तत्कालीन जेलर ने सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन पुलिस की जांच और वारदात की कई गुत्थियां अभी भी अनसुलझी बनीं हुई है।

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मुन्ना बजरंगी व कुख्यात सुनील राठी बाएं - फोटो : अमर उजाला

यूपी के बागपत में सालभर पुलिस बेबस नजर आई। पुलिस के हाथ से कुख्यात जावेद रटौल और पूर्व विधायक रामवीर शौकीन छूटकर भाग गए। आंकड़े बताते हैं कि रोज चोरी की एक वारदात हुई। हर महीने हत्या की पांच वारदात हुई। खेकड़ा में मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या से जिला दहल गया।

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मुन्ना बजरंगी - फोटो : SELF

बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या से पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए। कई बार जिले का माहौल खराब करने की कोशिशें हुई।

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गोकशी पर बवाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बागपत के लक्ष्मण पुरा चौक पर दो समुदाय भिड़ गए, जबकि गोकशी को लेकर कई बार तनाव के हालात बनते दिखे। शराब तस्करी के मुकदमे सबसे ज्यादा हैं, इसके अलावा आर्म एक्ट के 15 दिसंबर तक ही 422 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

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बागपत के अहेड़ा गांव में पुलिस से उलझते किसान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बागपत लावारिस लाशों को ठिकाने लगाने का ठिकाना बन गया। एक या दो नहीं बल्कि 11 से अधिक लाशें बागपत में फेंक दी गई। पुलिस सालभर वारदातों की उलझी गुत्थी सुलझाने में ही उलझी नजर आई।

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